हमारा जीवनी एक वटवृक्ष की भांति संवरे – प्रकाश व्यास

  • 75 परम मित्रों के जीवंत अमृत छांव बनेगें लक्ष्मण पाठक
  • हम रहे या ना रहे महक सदैव बनी रहेंगी – विशाल वर्मा

रतलाम। नगर के वरिष्ठ कवि रचनाकार सरल व्यक्तित्व लक्ष्मण पाठक जिन्होंने 75 वां जन्मदिवस एक पेड़ माँ के नाम की सार्थकता एवं महत्वता को सिद्ध करते हुए ऐतिहासिक धरोहर प्रकृति का केन्द्र बिंदु ह्दय स्थली गुलाब चक्कर अपने मित्रों संग गीत संगीत आनंद महोत्सव के रूप में मनाया। विशेष तौर पर अपने 75 परम मित्रों को एक औषधीय पौधा अमृत गिलोय बेल भेंट करेंगे जिसका मूल उद्देश्य वटवृक्ष की भांति आने वाली पीढ़ीयों पशु-पक्षियों हर जीवजंतु को हरी भरी छांव फल फूल खुशहाली मिलती रहें। इस अवसर पर आम का पौधे आमजन को भेट किए गए।
वरिष्ठ समाजसेवी प्रकाश व्यास मित्र मंडल के प्रकृति सेवक विशाल कुमार वर्मा द्वारा अमृता गिलोय बेल हरित माला श्रीराम गमझे व सम्मान पत्र के साथ ही मित्रों की टोली ने शाल, श्रीफल, साफा बांधकर शतायु की और अग्रसर करते हुए गीत संगीत की स्वर लहरें समर्पित की गई। हम रहे या ना रहे छवि सदैव प्रेरणा दे जाती हैं आज गुलाब चक्कर जो तत्कालीन कलेक्टर के अथक प्रयासों से गुलज़ार हैं आमजन इसके संरक्षण में सहयोगी बनें इस और नवागत कलेक्टर को संज्ञान में लाकर अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं के लिए मित्र मंडल मिलेगा।
शंकरलाल मालवीय, अशोक अग्रवाल, दीपक पुरोहित, अब्दुल सलाम खोकर, सुनील शर्मा, रमेश शुक्ला, संजय चौहान, श्याम लालवानी, दिलीप जोशी, मोड़ीराम सोलंकी, जिला पुरातत्व पर्यटन एवं संस्कृति परिषद के अश्विन शुक्ला व अन्य मित्रगण उपस्थित रहें।

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