हत्‍या के आरोपी को आजीवन कारावास की सजा एवं अर्थदण्‍ड

रतलाम। थाना औ.क्षे रतलाम के सत्र प्रकरण क्रमांक 121/2021 में माननीय द्वितीय अपर सत्र न्यायाधीश महोदय श्री आशीष श्रीवास्‍वत रतलाम द्वारा आज दिनांक 31.10.2025 को पारित अपने निर्णय में अनिल पिता गोपीलाल पण्‍डया, उम्र- 25 वर्ष, नि. नवचेतना कॉलोनी रतलाम म.प्र. को भादस की धारा 302 में आजीवन कारावास तथा राशि 5000/- रूपए, धारा 449 भादस में आजीवन कारावास तथा राशि 5000/- रूपए, तथा धारा 397 भादस में 7 वर्ष का सश्रम कारावास तथा राशि 2000/- रूपए, के अर्थदण्ड से दण्डित कर आरोपी को जेल भेजा गया।
जिला लोक अभियोजन अधिकारी श्रीमती आशा शाक्‍यवार ने बताया कि घटना का संक्षिप्त विवरण इस प्रकार है कि दिनांक 23.04.2021 को फरियादी ने थाना औ.क्षे, रतलाम में सूचना दी कि वह म.नं. 02. सुमंगल गार्डन के पास रतलाम में रहता हैं तथा शिवमंगल गार्डन के पास महामाया थैरेपी सेंटर चलाता हैं। उसकी समधन (बेटे की सास) रामूबाई पति स्व. हरिशंकर जोशी उम्र 55 साल नि. 05 सुंदरवन कालोनी, रतलाम में रहती है। समधी हरिशंकर की मृत्यु हुए छः माह हो गए है और समधन रामूबाई का की दो लडकियां सोनु व पिंकी हैं, जो रतलाम से बाहर रहती है। श्रीमती रामूबाई उनके मकान में नीचे वाले कमरे में अकेली रहती थी तथा उपर वाले कमरे में किरायेदार कमल डाबी पिता कोदर डाबी, नि. कुंदनपुर थाना बाजना व उसकी पत्नी ममता रहते हैं। मृतिका रामूबाई खाना बनाने का रसोई का काम करती थी। आज रात करीब 09:15 बजे कालोनी के दो लड़को ने उसे घर आकर सूचना दी कि आपकी समधन जी रामूबाई की किसी अज्ञात व्यक्ति ने धारदार हथियार से हत्या कर दी है। जिसपर वह, अपनी पत्नी माया, समधन रामूबाई के घर गए। जहां रामूबाई मकान के कमरे में मृत अवस्था में पड़ी थी। जिसके चेहरे, गाल, गले, पेट व छाती पर धारदार हथियार की चोटें थी। लाश खून से लथपत होने के कारण उसके शरीर के कुछ गहने दिख रहे थे और कुछ नहीं दिख रहे थे। मकान का पीछे का दरवाजा खुला हुआ और सामने का बंद था। किसी अज्ञात व्यक्ति द्वारा रात 08:00 से 09:15 बजे के बीच घर में घुसकर मृतिका रामूबाई की धारदार हथियार से हत्या कर फरार हो गया।
अनुसंधान के दौरान घटनास्थल से खूनालूदा रुई, सादी रुई, परदा व तुलसी दाना, कान की टूटी हुई सड जो खून से सनी होकर रामुबाई की लाश के पास से जब्त की गई थी। मृतिका का. पी.एम करवाया गया। पुलिस द्वारा आरोपी अनिल पण्डया से पूछताछ करने पर उसके द्वारा बताया गया कि उसने मृतिका रामुबाई की हत्या अपने कर्ज से परेशान होकर उसके पहने हुवे गहने लुटने के उद्देश्य से की थी। आरोपी की निशादेही से आरोपी के घर से, मृतिका रामुवाई की हत्या के समय पहने गहने दो कान के लटकनदार, दो सोने के टॉप्स, सड आदि लगी है, जिसमें एक मे पेज नहीं है व चार सोने की चुड़िया मीनाकारी डिजाईन की जिसे लुटकर ले गया था एवं जिस तेज धारदार चाकू से रामुबाई की हत्या की गई थी, को जब्त किया गया। घटनास्थल से जब्त सोने के गहने के टुकडे व अन्य वस्तुओं एवं आरोपी अनिल पण्डया की डी. एन. ए. प्रोफाईल तैयार करवाई गई. आरोपी की सीमन स्लाईड प्‍यूविक हेयर व मृतिका रामुबाई की वैजाईनल स्लाईड एवं स्वाब व मृतिका के कपडे पी.एम. के दौरान जब्त किये और आरोपी द्वारा घटना के समय पहने कपड़े काले कलर का लोवर उसके घर से एवं नीले कलर की टीशर्ट को इलाज के दौरान गीतादेवी हॉस्पिटल के डस्टबीन में फेंक गया था, को गीतादेवी अस्पताल के डस्टबीन से जब्त किया गया, जिस पर खून लगा था, को फारेन्सिक लैब सागर एवं इन्दौर पृथक-पृथक आर्टिकलो को डी.एन.ए. व क्यूरी के लिये भेजा गया। आरोपी अनिल पिता गोपीलाल पण्डया को दिनांक 23.04.2021 को गिरफ्तार कर दिनांक 24.04.2021 को माननीय न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया। आरोपी अनिल की निशादेही से भौतिक साक्ष्य को जब्त किये एवं उसके द्वारा मेमो में बतायी गई कर्ज की बात की पुष्टि धर्मेन्द्र व्यास के कथनो से स्पष्ट है। इसी प्रकार उसके द्वारा लिये गये लोन के कर्ज की पुष्टी बजाज फायनेश कंम्पनी के स्टेटमेन्ट से होती है। प्रकरण के अन्वेषण में आये साक्ष्य प्रथम सुचना रिपोर्ट नक्शा मौका, जप्‍ती पत्रक, मर्ग एन्टीमेशन, पी. एम. रिपोर्ट, सफीना फार्म, लाश पंचायतनामा शव प्राप्ति रशीद, गिरफ्तारी, कथन गवाहन धारा 164 कथन, डी.एन.ए. प्रोफाईल क्युरी रिपोर्ट आरोपी की निशादेही से प्राप्त गहने व चाकू, मेडिकल पत्रक मेमो 27 साक्ष्य अधिनियम, पहचान पंचनामा तस्दीक पंचानामा, धारा 65 बी प्रमाण पत्र, इलाज पर्ची, लोन दस्तावेज पेन ड्राईव सी. डी. एवं फोटो आदि सम्पूर्ण भौतिक, वैज्ञानिक एवं दस्तावेजी साक्ष्य से आरोपी अनिल पिता गोपीलाल पण्डया, उम्र 25 साल, नि. म.नं. 70 नवचेतना कॉलोनी, थाना औद्योगिक क्षेत्र, रतलाम के विरुद्ध धारा 302, 449, 394, 397 भादवि 25 आयुध अधिनियम का अभियोग पत्र क्र. 327/2021 का दिनांक 20.07.2021 का तैयार किया जाकर वास्ते न्यायार्थ माननीय न्यायालय की ओर प्रेषित किया था।
न्‍यायालय द्वारा प्रकरण में विचारण उपरांत आरोपी अनिल को दोषसिद्ध किया गया। प्रकरण में शासन की ओर से पैरवी जिला लोक अभियेाजन अधिकारी आशा शाक्‍यवार के मार्गदर्शन में विशेष लोक अभियेाजक/एडीपीओ संजय वसुनिया द्वारा की गई।