
जावरा(अभय सुराणा) । भारत में कार्तिक पूर्णिमा एक महत्वपूर्ण धार्मिक तिथि है, जो जैन, हिन्दू और सिख धर्म के अनुयायियों द्वारा विशेष श्रद्धा से मनाई जाती है, यह दिन विशेष रूप से जैन धर्म में बेहद महत्व रखता है, क्योंकि इसे आत्मिक शुद्धि, तपस्या, और मोक्ष प्राप्ति का अवसर माना जाता है।
उक्त विचार जैन सोश्यल ग्रुप जावरा मैत्री के संस्थापक अध्यक्ष व अंतर्राष्ट्रीय डायरेक्टर अनिल धारीवाल ने जैन सोश्यल ग्रुप जावरा मैत्री द्वारा श्री आदिनाथ जैन मंदिर ग्राम रोजाना में सकल जैन समाज की नवकारसी आयोजन में व्यक्त किये ।
इस अवसर पर जैन कांफ्रेंस आत्म ध्यान योजना के राष्ट्रीय संगठन मंत्री संदीप रांका ने कहाँ कि कार्तिक पूर्णिमा इस दिन शत्रुंजय पर्वत पर जाने का विशेष महत्व है, जहाँ जैन अनुयायी भगवान आदिनाथ की पूजा करते हैं और अपने पापों से मुक्ति की प्रार्थना करते हैं, कार्तिक पूर्णिमा का पर्व जैन धर्म में अध्यात्म और आत्मशुद्धि की एक अद्वितीय अभिव्यक्ति है। आज ही साधु साध्वी चार माह का चार्तुमास अषाढ सुदि पुनम से कार्तिक पूर्णिमा तक पुर्ण कर शेषकाल के आठ माह विचरण कर जैन धर्म की फताका फहराते हुए विहार करतें हैं।
जैन धर्म के ग्रंथों के अनुसार, भगवान आदिनाथ ने शत्रुंजय पर्वत पर कई वर्षों तक तपस्या की थी, उनका तप और साधना इस पर्वत को एक पवित्र स्थान में बदलने का कारण बनी, कार्तिक पूर्णिमा के दिन जैन अनुयायी भगवान आदिनाथ के चरणों में श्रद्धा सुमन अर्पित करते हैं और उनकी तपस्या का स्मरण कर अपने जीवन में अनुशासन और आत्म-संयम को अपनाने की प्रेरणा लेते हैं, यह दिन जैन शासन के लिए आत्मिक उत्थान और धार्मिकता का प्रतीक है।
इसी परंपरा का निर्वाह करते हुए जैन सोश्यल ग्रुप जावरा मैत्री परिवार द्वारा प्रतिवर्ष शताब्दी तीर्थ प्राचीन श्री आदिनाथ जैन मंदिर रोजाना पर सकल जैन समाज जावरा की नवकारसी का आयोजन कर भगवान महावीर स्वामी के सिद्धांत मेत्री के संदेश का पालन कर मिलन समारोह करता है, उक्त जानकारी देते हुए जैन सोश्यल ग्रुप जावरा मैत्री के अध्यक्ष राजेश पोखरना सचिव शशांक मेहता एवं मीडिया प्रभारी मनीष मेहता ने बताया कि 13 वर्षो से नवकारसी का लगातार आयोजन कर सकल जैन समाज को साथ लेकर आयोजन करता है जिसमे लगभग 2500 से अधिक लोगो ने इसका लाभ लेकर जिन मंदीर में दर्शन वंदन कर नवकारसी का लाभ लिया, इस अवसर पर समाज गौरव स्व.कन्हैयालाल जी धारीवाल व स्व. सरदारमल जी धारीवाल की स्मृति में परिवार के सुरेश कुमार धारीवाल परिवार द्वारा गुरुदेव राजेन्द्र सुरीश्वर जी म. सा. को आभूषण समर्पित सकल जैन समाज के समक्ष किये। साथ ही मंदिर के पुजारी जी का वर्षभर सेवा करने के लिए जेएसजी जावरा मैत्री परिवार द्वारा सम्मान किया गया है।
उक्त आयोजन में जैन सोश्यल ग्रुप जावरा मैत्री के अध्यक्ष राजेश पोखरना, संस्थापक अनिल धारीवाल, पूर्वांध्यक्ष गण संदीप रांका, पंकज कांठेड, आशीष पोखरना,राजीव लुक्कड़,आलोक बरैया,सचिव शशांक मेहता, संदीप दसेड़ा, अर्पल कोचट्टा, दीपक मेहता, विपिन चोरडिया, पियूष कांठेड,शैलेष श्रीश्रीमाल,आशीष चत्तर, राजेश हिंगड़, मनीष मेहता, अजय पटवा,संतोष कोचट्टा, वैभव ओस्तवाल, संतोष कोचट्टा, पंकज जैन, डॉ. ऋषि मेहता, मनीष धारीवाल, अभय कांठेड सहित भाजपा जावरा नगर अध्यक्ष राजेश शर्मा, पूर्व न. पा. अध्यक्ष अनिल दसेड़ा, भाजपा पूर्व अध्यक्ष अभय कोठारी,सर्राफा एसोसिएशन महासचिव प्रकाश कांठेड सहित समाजजन उपस्थित थे ।