भौतिक चकाचौंध की आपा धापी से दूर आध्यात्म एवं पुरूषार्थ की भावना से ही परमसुख की प्राप्ति हो सकती है – डॉ संयमलताजी जी

जावरा (अभय सुराणा) । संसार में जन्म लेने वाला प्रत्येक जीव सुखी रहना चाहता है और पुण्य योग से हमे तो मनुष्य जन्म मिला कहते हैं मनुष्य जन्म के परम सुखो को देखते हुए देवता भी पुनः मनुष्य जन्म के लिए तरसते है। किन्तु परमसुख की प्राप्ति के लिए हमें भौतिक चकाचौंध की आपा धापी से दूर मान ,माया, मद् ,लोभ ,क्रोध का परित्याग कर आध्यात्म एवं पुरूषार्थ की भावना से जीवन जीने की कला सिखाना होगी तभी हम सच्चे परमसुख की प्राप्ति कर सिद्ध बन सकते है ।
उक्त विचार रतलाम का एतिहासिक चार्तुमास की शिल्पकार श्रमण संघीय विदूषी महासती दक्षिण चन्द्रीका वाणीरत्ना डॉ संयमलताजी जी ने रतन एग्री फूड परिसर पर एक विशाल धर्मसभा को सम्बोधित करते हुए व्यक्त किए। आपने कहा कि सांसारिक कषायो से मुक्ति पाना है तो आध्यात्म करें जीवन को आडम्बर रहित बनाए । डॉ संयमलताजी ने कहा कि धर्म इन्सान की पहचान बना देता है। गीत वीराने को गुलिस्तान बना देता है।
धर्म की बात सुनो धर्म के साथ चलो धर्म इन्सान को भगवान बना देता है।
धर्मसभा के प्रारम्भ में मंगलाचरण के साथ अनुष्ठान क्लश की स्थापना आयोजन के लाभार्थी परिवार श्री मती साधना राकेश, भॅवरलाल, ऋषभ,यश मेहता परिवार ने किया। इस अवसर पर स्वागत उद्बबोधन मेहता परिवार के ऋषभ मेहता ने देते हुए कहा कि महासती डॉ संयमलताजी, डॉ अमित प्रज्ञा जी, डॉ कमल प्रज्ञा जी व श्री सौरभ प्रज्ञा जी मा.सा. आदि ठाणा चार ने हमारे अल्प निवेदन पर हमारे औधोगिक फार्म हाॅउस पर पधार कर जो धर्म संदेश दिया हम सभी आपकी प्रेरणा से अपने जीवन को सार्थक करने का प्रयास करेंगे। आपने महासतिया जी सहित आमंत्रित सभी गुरू भक्त भाई बहनों का भी अभिनन्दन करते हुए स्वागत किया।
धर्मसभा में श्रीमती अंकिता मेहता व श्री मती अनुप्रिया मेहता ने स्वागत गीत की प्रस्तुति दी। वहीं बालिका कु. आरवी मेहता की संस्कार मय अभिव्यक्ति की सभी ने मुक्तकंठ सराहना की। अंत में श्री वर्धमान स्थानकवासी जैन श्रावक संघ के पुर्व महामंत्री व कर्मठ समाजसेवी सुभाष टुकडीया ने धर्मसभा को सफल बनाने के लिए महासतिया जी व आमंत्रित सभी गुरु भक्तों का आभार व्यक्त करते हुए कृतज्ञता ज्ञापित की।
महासति डॉ संयमलताजी की महामांगलिक एवं गोतम प्रसादी के साथ कार्यक्रम समाप्त हुआ।
उक्त जानकारी श्री कस्तुर मुनि पावनधाम के कोषाध्यक्ष पारसमल गादिया ने दी तथा बताया कि डॉ संयमलताजी ठाणा चार 14 तारीख को श्री मेहता औधोगिक फार्म हाॅउस से प्रातः 6.25 बजे मन्दसौर की और विहार कर फुड पार्क में पधारेंगे।