एनसीसी द्वारा वार्षिक प्रशिक्षण शिविर आयोजित

व्यक्तित्व विकास एवं बॉडी लैंग्वेज विषय पर दिया गया व्याख्यान

रतलाम 15 मई । 21 मप्र बटालियन एनसीसी रतलाम द्वारा वार्षिक प्रशिक्षण शिविर 11 मई से 20 मई तक शासकीय एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय सैलाना में आयोजित किया जा रहा है ।
शिविर में कमान अधिकारी कर्नल राघवेन्द्र सिंह के मार्गदर्शन में एव प्रशासनिक अधिकारी कर्नल संदीप अहलावत के निर्देशन में प्रतिदिन प्रातः सैन्य विषय के प्रशिक्षण अन्तर्गत शस्त्र प्रशिक्षण, फायरिंग, नेवीगेशन, टेन्ट पिंचिंग, कवायद, मेप रीडिंग इत्यादि विषयों का प्रशिक्षण दिया जा रहा है, इसी के साथ-साथ ही प्रतिदिन विभिन्न प्रकार के मोटिवेशनल एवं सुरक्षात्मक विषयो पर व्याख्यान कैडेट्स को दिए जा रहे है।
इसी कढ़ी में डिप्टी केम्प कमान्डेन्ट कर्नल संदीप अहलावत द्वारा कैडेट्स को व्यक्तित्व विकास, इंटरव्यू देना तथा बॉडी लैंग्वेज विषय पर जनजागरूक व्याख्यान दिया गया। कर्नल अहलावत द्वारा बताया कि अपनके विचारों व्यवहार, बोलचाल, आत्मविश्वास और कार्यशैली में सकारात्मक सुधार लाना ही व्यक्तित्व विकास है। उनके द्वारा बताया गया कि एक अच्छा व्यक्तित्व हमें भीड से अलग पहचान दिलाता है तथा जिस व्यक्ति में आत्मविश्वास, विन्रमता, अनुशासन और सकारात्क सोच होती है, वह जीवन के हर क्षेत्र में सफलता प्राप्त कर सकता है। बॉडी लैंग्वेज का महत्व बताते हुए कर्नल अहलावत ने बताया गया कि हमारे बैठने, चलने, हाथ मिलाने, चेहरे का भाव और ऑखों कें संपर्क से सामने वाला व्यक्ति हमारे बारें में धारणा बना लेता है। इसलिए हमें हमेशा अच्छी बॉडी लैंग्वेज प्रस्तुत करना चाहिए जैसेः- सीधे खडे होना, आत्मविश्वास के साथ चलना, बात करते समय सामने वाले व्यक्ति की ऑखों में देखकर बात करना, चेहरे पर हल्की मुस्कान रखना, ध्यान से सुनना और सही प्रतिक्रिया देना तथा घबराहट एवं असहजता को नियंत्रित करना। उनके द्वारा बताया गया कि यदि हमारी बॉडी लैंग्वेज सकारात्मक होगी, तो लोग हम पर अधिक विश्वास करेंगे और हमारा प्रभाव भी अच्छा पडेगा।
प्रशिक्षण में कांस्टेबल श्री मनीष कुमार ओझा, द्वारा बाल अपराध पर व्याख्यान दिया गया श्री ओझा द्वारा सर्वप्रथम बाल अपराध का अर्थ बताते हुए कहा गया कि वर्तमान में बाल अपराध का मुख्य कारण परिवार में प्यार और मार्गदर्शन की कमी, गलत संगति का प्रभाव, मोबाईल और इंटरनेट का गलत उपयोग, नशे की आदत, गरीबी और अशिक्षा तथा फिल्मों और सोशल मीडिया का नकारात्मक प्रभाव है। श्री ओझा द्वारा बताया गया कि बच्चे देश का भविष्य हैं। यदि हम उन्हें सही शिक्षा, अच्छा वातावरण और उचित मार्गदर्शन दे तो वे एक निम्मेदार नागरिक बनेंगें और समाज भी सुरक्षित एवं मजबूत होगा।
इस दौरान मेजर गोपाल भूरिया, लेफ्टिनेंट विजेन्द्र सोंलंकी, सी/ओ विजयसिंह पुरावत, एफ/ओ जाकिर खान, एफ/ओ रेमसिंह डामोर, एस/ओ रीता माहेश्वरी, एस/ओ हरीश कुमार परिहार, एस/ओ कंवलजीत सिंह गंभीर, एस/ओ गौरव चौहान सहित पी आई स्टॉफ तथा कार्यालयीन स्टॉफ उपस्थित थे ।

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