हमें आप पर बहुत गर्व है आपने हम सब के साथ पूरे शहर का गौरव बढ़ाया है

रतलाम 23 नवम्बर। आपकी उपलब्धि सिर्फ एक वैश्विक शिक्षक कॉन्फ्रेंस में उद्बोधन भर की नहीं है अपितु यह हमारे पूरे प्रदेश के शिक्षा विभाग के लिए गौरव की बात है हम सब नगर वासियों को आपने गर्व से सर ऊंचा करने का अवसर प्रदान किया है। शैक्षिक नवाचारों का आपने जो कीर्तिमान स्थापित किया है वह आने वाले समय के लिए एक मील का पत्थर साबित रहेगा। बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए आपकी प्रतिबद्धता अनवरत अभिनंदनीय रहेगी।
उपरोक्त विचार शिक्षक सांस्कृतिक संगठन द्वारा नगर के शिक्षाविदों के नेतृत्व में अत्यंत भावुक माहौल में आयोजित अबू धाबी से लौटे संदीपनी सी एम राइस स्कूल के शिक्षक श्री गजेंद्र सिंह राठौड़ के सम्मान समारोह में उपस्थित वक्ताओं ने व्यक्त किये।
प्रसिद्ध साहित्यकार डॉक्टर मुरलीधर चांदनी वाला ने कहा कि हम सबके प्रिय गजेंद्र तुमने आज रतलाम नगर सहित पूरे अंचल को दिखा दिया कि अभाव और चुनौतियां चाहे वह मनुष्य जनित हो या प्राकृतिक हो, हौसलों के कदमों को नहीं रोक सकती है। आपने जो निश्चय किया था उसे आपने सिद्ध करके दिखाया। आपका यह अंतरराष्ट्रीय सम्मान विद्यार्थियों को दी हुई आपकी शिक्षा शिष्य और शिक्षकों के लिए अत्यंत प्रेरणादाई उपलब्धि रहेगी। हम सब अभिभूत है आपके इस शिखर पर पहुंचने के लिए।
प्रसिद्ध इतिहास विद साहित्यकार डॉ प्रदीप सिंह राव ने कहा कि पूरे विश्व से 800 व्यक्तियों में चयनित आपका व्यक्तित्व निश्चित तौर पर समूचे शैक्षिक जगत के लिए एक उदाहरण बन गया है। आपके माध्यम से पूरा शहर, पूरा प्रदेश, पूरा देश गौरवान्वित हुआ है। पूरे मालवा जगत को आप पर गर्व है। आपकी उपलब्धि को हम लंबे समय तक स्मरण करते रहेंगे।आपने नवीन पीढ़ी के लिए उत्तम आदर्श प्रस्तुत किया है। विशेषकर शिक्षकों के लिए कि वह अपनी सामर्थ को नवाचारों के लिए प्रयुक्त करें। ताकि विद्यार्थियों का जीवन सफल हो सके। अब आप केवल एक शिक्षक नहीं वरन अंतर्राष्ट्रीय शिक्षक बन गए हैं हमें आप पर गर्व है, फक्र है और हमेशा रहेगा।
पूर्व जिला शिक्षा अधिकारी डॉक्टर सुलोचना शर्मा ने कहा कि यह आपके कड़े परिश्रम और मेहनत का फल है,शिक्षक को हमेशा क्रियाशील और प्रयोगात्मक होना चाहिए। आपकी जिज्ञासाएं और  कुछ नया करने की लालसा ने आपको यहां तक पहुंचा है उत्कृष्ट भविष्य की शुभकामनाएं स्वीकार करें  और हमेशा अपने विद्यार्थियों के लिए नवाचार करते रहे।
शिक्षक सांस्कृतिक संगठन संस्था के अध्यक्ष दिनेश शर्मा ने कहा कि हम अत्यंत सौभाग्यशाली है कि श्री राठौर सर जैसे शिक्षक हमारे रतलाम नगर में विद्यमान है। आप विद्यार्थियों के जीवन के प्रति आप इतने संवेदनशील और समर्पित होकर कार्य कर रहे हैं यह उसी पराक्रम का परिणाम है।आपने अपनी निजी बाधाओ को भी दूर रखते हुए कर्तव्य पथ पर पुरी ईमानदारी से अपना शिक्षकीय धर्म निभाया है। आपकी  यह अंतरराष्ट्रीय सफलता आपको एक नया स्वरूप प्रदान करेगी, आपका व्यक्तित्व अन्य शिक्षक साथियों के लिए हमेशा आदर्श बनाकर स्थापित रहेगा।
श्री राधेश्याम तोगड़े ने कहा कि आप शिक्षक समाज के वास्तविक हीरे हैं आपकी चमक दमक से पूरे विश्व में भारत की और हमारे नगर की शान बड़ी है। श्री गोपाल जोशी, दिलीप वर्मा, भारती उपाध्याय, वीणा छाजेड़, ने  भी श्री राठौर के व्यक्तित्व के बारे में प्रकाश डाला।
अपने सम्मान के प्रतिउत्तर में श्री राठौर ने उपस्थित शिक्षाविद शिक्षकों के बीच अपने अनुभव साझा करते हुए अबू धाबी यात्रा से संबंधित संस्मरण सुनाए। वैश्विक स्थिति में भारतीय शिक्षा पद्धति और शिक्षकों के नवाचार किस रूप में छात्रों के हित में हो सकते हैं उस पर आपने अपना व्याख्यान प्रस्तुत किया। आपने अपनी उपलब्धि का श्रेय माता-पिता और गुरुजनों की शिक्षा को दिया। वहीं बच्चों का प्यार और स्नेह भी इस उपलब्धि के लिए आपने जरूरी बताया। स्मरण रहे की श्री राठौर को अनेकों पुरस्कार उनके शैक्षिक नवाचारों के लिए प्राप्त हो चुके हैं।
शिक्षक सांस्कृतिक मंच ने इस अवसर पर उनका सम्मान करते हुए उन्हें आजीवन मंच की सदस्यता प्रदान की। प्राचार्य श्री संध्या वोरा ने आभार व्यक्त करते हुए कहा कि हमारे संस्था के लिए यह अत्यंत प्रसन्नता की बात है कि श्री राठौड़ साब जैसे शिक्षक यहां बच्चों को पढ़ा रहे हैं जो हमारी शाला के लिए निरंतर उत्कृष्ट परीक्षा परिणाम में सहायक सिद्ध हो रहे हैं। संस्था द्वारा श्री राठौर कौ  शाल श्रीफल स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर विद्यालय के समस्त शिक्षक साथी उपस्थित थे।