श्रद्धा, समर्पण और प्रेरणा का भव्य आयोजन – हुआ ब्रम्हा कुमारी संस्थान में


रतलाम। ब्रह्मा कुमारीज़ द्वारा “विश्व एकता एवं विश्वास के लिए राजयोग” विषय पर एक प्रभावशाली आध्यात्मिक संगोष्ठी आयोजित की गई। इसी के साथ इंदौर ज़ोन के पूर्व जोनल डॉयरेक्टर ओमप्रकाश भाई जी, तथा सेवाओं को अपने तप, त्याग और समर्पण से सींचने वाल कमला दीदी एवं सरला दीदी के पुण्य स्मृति दिवस पर भावपूर्ण श्रद्धांजलि सभा भी सम्पन्न हुई।
कार्यक्रम में विभिन्न क्षेत्रों के प्रतिष्ठित अतिथि उपस्थित रहे जिनमें स्वदेश समाचार पत्र के वरिष्ठ पत्रकार शरद जोशी, इंदौर से पधारी ब्रह्माकुमारी अनीता दीदी ,वरिष्ठ लोक अभियोजन अधिकारी गोल्डन राय,पंजाब नेशनल बैंक के प्रबंधक पवन मिश्रा,जिला जेल अधीक्षक लक्ष्मण सिंह,एडवोकेट अपूर्वा सिंह,रतलाम सेवा केंद्र संचालिका ब्रह्माकुमारी सविता दीदी,
सहित अनेक सम्मानित भाई–बहन उपस्थित रहे।
वरिष्ठ पत्रकार शरद जोशी ने तीनों दिव्य आत्माओं को नमन करते हुए कहा कि—ओमप्रकाश भाई जी और दोनों दीदियों की सेवाएँ केवल संस्थान तक सीमित नहीं थीं, बल्कि समाज में जागृति, विश्वास और अध्यात्म का प्रकाश फैलाने वाली थीं। ऐसे व्यक्तित्व विरले मिलते हैं जो स्वयं जलकर भी दूसरों को प्रकाश देते हैं।”उन्होंने आगे बताया कि विश्व एकता और विश्वास की वास्तविक नींव राजयोग है, जिसके द्वारा व्यक्ति अपने भीतर स्थिरता, शांति और श्रेष्ठता विकसित करता है। यही गुण विश्व में एकता का आधार बनते हैं।
इंदौर से पधारी ब्रह्माकुमारी अनीता दीदी ने अपने उद्बोधन में ओमप्रकाश भाई जी, कमला दीदी और सरला दीदी के जीवन की त्याग, सेवा और मातृत्व–पूर्ण नेतृत्व की प्रेरक झलकियाँ साझा कीं।उन्होंने कहा—इन तीनों महान आत्माओं ने इंदौर ज़ोन में जो नींव रखी, वही आज सेवाओं का आधार और शक्ति बनकर हमें निरंतर मार्गदर्शन दे रही है।”
लोक अभियोजन अधिकारी गोल्डन राय ने कहा कि आज विश्व में तनाव और विभाजन बढ़ने का कारण मन की अस्थिरता है, जबकि राजयोग मन को केंद्रित करता है और विश्वास की शक्ति को बढ़ाता है।
रतलाम सेवा केंद्र की संचालिका ब्रह्माकुमारी सविता दीदी ने भी तीनों वरिष्ठों के योगदान को याद करते हुए कहा कि—बड़ों की दुआएँ सेवाओं को गति देती हैं। उनके जीवन के आदर्श हम सबके लिए ऊर्जा स्रोत हैं, जिनके कारण सेवाएँ दिन–प्रतिदिन विस्तृत हो रही हैं। पंजाब नेशनल बैंक के प्रबंधक पवन मिश्रा ने अपने वक्तव्य में कहा कि ब्रह्मा कुमारीज़ द्वारा दिया जाने वाला राजयोग व्यक्तिगत जीवन, कार्यक्षेत्र और सामाजिक संबंधों— तीनों में सकारात्मक परिवर्तन लाता है।
एडवोकेट अपूर्वा सिंह ने संगोष्ठी को सार्थक बताते हुए कहा कि समाज में मूल्यों की स्थापना तभी संभव है जब व्यक्ति पहले अपने भीतर विश्वास एवं आत्मशक्ति का निर्माण करे।
अंत में दी गई सामूहिक श्रद्धांजलि
कार्यक्रम का समापन सभी उपस्थित भाई–बहनों द्वारा ओमप्रकाश भाई, कमला दीदी और सरला दीदी को श्रद्धा सुमन अर्पित करते हुए, दो मिनट मौन रखकर शांति की कामना के साथ किया गया।