72 वें महारुद्र यज्ञ में बह रही धर्म की गंगा



रतलाम 17 दिसम्बर। समस्त यज्ञों में भगवान शंकर की पूजा होती है यज्ञ व वैद मंत्रो से जो भगवान शंकर की पूजा करते है सर्व प्रकार के भय से व क्लेश से मुक्त हो जाते है । शास्त्रों में रूद्र के पाँच प्रकार बताए गए है रूपक, रूद्र, रूद्री, महारूद्र, अतिरूद्र । एकादस (ग्यारह) रूद्रीयों से लघु रूद्र नाम का तीसरा रूद्र एवं ग्यारह लघु रूद्र से महारूद्र अतिउत्तम यज्ञ है । इस महारूद्र की एकादश आवृत्ति, अतिरूद्र, सब रूद्रो, उत्तमोत्तम है । महारूद्र में २१९१३१ आहूति होती है। महारूद्र समस्त व्याधियाँ एवं राष्ट्र में आए अमंगल को नष्ट करता है। रूद्राक्ष की उत्पत्ति भगवान शंकर के आसूओं से हुई है । रूद्राक्ष एक मुखी से 21 मुखी तक होते है । रूद्राक्ष धारण करने से प्राणी, निरोगी, निर्भय व रूद्र लोक का गामी होता है । भगवान शंकर इसीलिए रूद्र रूप में व्याप्त है । उक्त बात यज्ञाचार्य पं. दुर्गाशंकर ओझा ने महारूद्र यज्ञ के दौरान कहीं।
त्रिवेणी के पावन तट पर चल रहे 72 वें 11 दिवसीय महारूद्र यज्ञ में 21 भूदेवों द्वारा मंत्रोच्चार से लघु रूद्र यज्ञ की आहूतियाँ मुख्य यजमान श्रीमती गायत्री संजय सोनी (अप्पू) दम्पत्ति द्वारा दी जा रही है तथा आरती कर यज्ञ नारायण की मुख्य यजमान भूदेवों सहित उपस्थित धर्मालुजनों द्वारा परिक्रमा की गई तत्पश्चात प्रसादी वितरण की गई ।
श्री सनातन धर्मसभा एवं महारूद्र यज्ञ समिति द्वारा आयोजित महारूद्र$ यज्ञ में आज आमंत्रितों में १००८ श्री आनंदगिरी जी महाराज अडवानिया, महंत नरेन्द्र गिरी जी महाराज उज्जैन, महर्षि संजय शिवशंकर दवे, अखिल भातीय पुजारी महासंघ अध्यक्ष मुकेश शर्मा, एमआईसी सदस्य पार्षद विशाल शर्मा, यादव अहिर समाज से अध्यक्ष श्रवण यादव, एडव्होकेट भारती यादव, बोराना समाज से डॉ. ईश्वर बोराना (एडव्होकेट), मालवीय समाज से शंकरलाल मालवीय (सरपंच), नागर ब्राह्मण समाज से जितेन्द्र नागर, दिलीप मेहता, बसोड समाज से दिनेश बसोड़, सकल पंचाग सुनार मारवाड़ी समाज से रूपेन्द्र सोनी रतनगढ़, फुलमाली समाज से सत्यारायण सेनी, मोतीलाल माली, रवि जी, कन्हैयालाल टांक, धर्मेन्द्र सोनगरा, रामजी तंवर, राजा महावर, मेवाड़ कुमावत सिलावट समाज से मोहनलाल कुमावत, नारायण कुमावत, गणेश कुमावत, सुशील सिलावट, नागर ब्राह्मण समाज नागरवास से नवनीत मेहता, संजय दवे, आयुष नागर, मनीष रावल, श्रीमती सुनिता रावल, पाल समाज महिला मण्डल अध्यक्ष रत्ना पाल, कसेरा तागल साथ समाज से मोहनलाल कसेरा, घनश्याम कसेरा, राजेश कसेरा, रामेश्वर कसेरा, वासुदेव कसेरा, संतोष कसेरा, अनिता कसेरा, मंजुबाला कसेरा, ब्राह्मण महासभा महिला मंडल से रजनी व्यास, सुनंदा मालवीय, सोनल पाठक, सुनिता पाठक, शारदा शर्मा, विष्णुबाला, इन्दु पाठक, सीमा सुरोलिया, आशा शर्मा, मोना शर्मा, रीना पंडित, गुंजा व्यास, नमिता शुक्ला सहित बड़ी संख्या में उपस्थित श्रद्धालओं ने यज्ञ नारायण की आरती एवं परिक्रमा कर धर्म लाभ लिया।
श्री सनातन धर्मसभा एवं महारूद्र यज्ञ समिति अध्यक्ष अनिल झालानी, नवनीत सोनी, पुष्पेन्द्र जोशी,डॉ. राजेन्द्र शर्मा सत्यदीप भट्ट, अविनाश व्यास, दीपक दवे,नारायण राठौड़, रजनी व्यास, राखी व्यास आदि द्वारा आमंत्रित समाजजनों का दुपट्टा पहनाकर स्वागत सम्मान किया गया। कार्यक्रम का संचालन जनक नागल ने किया एवं पश्चात प्रसादी वितरण की गई।
अन्न क्षैत्र में निराश्रितों को भोजन कराया गया
पंडित रामचन्द्र जी डोंगरे महाराज की स्मृति में श्री बद्रीनारायण सेवा ट्रस्ट द्वारा संचालित अन्न क्षैत्र में प्रतिदिन निराश्रितों को भोजन कराया जा रहा है जिसके अन्तर्गत आज की भोजन प्रसादी ओमप्रकाश सोनी परिवार की ओर से करवाई जा रही है। इससे पूर्व डोंगरे महाराज की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर दीप प्रज्जवलित किया गया। डॉ. राजेन्द्र शर्मा, नवनीत सोनी, सत्यनारायण पालीवाल, हरिश सुरोलिया, अशोक राठी, नारायण राठौड़, चेतन शर्मा आदि सदस्यगण ने अपनी सेवाएं दी।