बालिकाओं के लिए तलवारबाजी एवं मोटिवेशन शिविर 3 दिन के लिए


जावरा(अभय सुराणा) ।क्रांतिकारी प्रवक्ता पंडित मनोज कश्यप शेरपुर के सान्निध्य में ग्राम बोरदा में 19 जनवरी से 23 जनवरी 2026 तक द्वितीय नि:शुल्क कन्या विवाह एवं नानी बाई रो मायरो कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। इस पाँच दिवसीय आयोजन के अंतर्गत बसंत पंचमी के पावन अवसर पर सामूहिक कन्या विवाह संपन्न होगा। आयोजन को लेकर पंडित मनोज कश्यप द्वारा प्रेस से मिलिए कार्यक्रम में कहीं।
प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए क्रांतिकारी संत पंडित मनोज कश्यप ने बताया कि उनका प्रमुख उद्देश्य सनातन धर्म का प्रचार और समाज में संस्कारों की पुनर्स्थापना है। उन्होंने कहा कि आज आवश्यकता है कि कथा के साथ-साथ शास्त्रों की विधिवत शिक्षा भी समाज तक पहुँचे। केवल कथाओं के माध्यम से नहीं, बल्कि शास्त्रीय अध्ययन द्वारा भी धर्म की गहरी समझ विकसित होनी चाहिए। आज की परिस्थितियों में शास्त्र और शस्त्र दोनों जरूरी हो गए हैं।
उन्होंने बताया कि सामूहिक कन्या विवाह में उनकी विशेष प्राथमिकता उन बेटियों को दी जाएगी जिनके माता-पिता नहीं हैं या फिर उनको जो गरीबी में अपना जीवन यापन कर रहे हैं तथा शादी का खर्च भी नहीं उठा पा रहे। मेरा मानना है कि उन्हें भी सामाजिक सम्मान और सुरक्षित भविष्य मिल सके।
आयोजन के दौरान 14 वर्ष से अधिक आयु के बालक-बालिकाओं को शस्त्र विद्या का प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। शिविर में भाग लेने वाली बालिकाओं के साथ यदि उनके अभिभावक आते हैं तो उनके ठहरने एवं भोजन की व्यवस्था पूर्णतः निशुल्क रहेगी।
पंडित मनोज कश्यप ने बताया कि उनके प्रेरणास्रोत संत राम महाराज मचलाना तथा संत 1008 मंगलदास महाराज रूपगढ़ फंटा, जावरा हैं। उन्होंने जानकारी दी कि वे 13 वर्ष की आयु से कथा वाचन कर रहे हैं और अब तक 74 कथाओं का आयोजन कर चुके हैं। उनकी कथाओं में नानी बाई रो मायरो, श्रीमद् भागवत कथा राम कथा के साथ ही सनातन संस्कृति और राष्ट्रभाव प्रमुख विषय रहते हैं।
उन्होंने कहा कि संतों से जुड़ने वाला व्यक्ति सनातन से जुड़ता है और सनातन से जुड़कर राष्ट्रहित की सोच विकसित करता है। पंडित कश्यप ने संस्कृत में शिक्षा मंदसौर कॉलेज से विक्रम यूनिवर्सिटी के माध्यम से पूर्ण की है।
आगामी सामूहिक विवाह को लेकर मध्यप्रदेश और राजस्थान की 11 बेटियों के आवेदन प्राप्त हो चुके हैं, जिन्हें स्वीकृति प्रदान की जा चुकी है। प्रत्येक कन्या को विवाह अवसर पर लगभग 35 हजार रुपये के आभूषण एवं लगभग 65 हजार रुपये का गृहस्थी का सामान प्रदान करने का लक्ष्य रखा गया है।
प्रेस वार्ता के माध्यम से उन्होंने क्षेत्र की सभी सामाजिक, धार्मिक एवं सेवा संस्थाओं से इस आयोजन में सहयोग एवं सहभागिता की अपील की। लव जिहाद के बारे में उन्होंने कहा कि संस्कारों की कमी की वजह से ऐसे कैसे हो रहे हैं इसलिए लड़का हो या लड़की संस्कारों का होना बहुत जरूरी है
उन्होंने यह भी बताया कि वह जो कथा करते हैं उसकी 70% राशि सामाजिक कार्यों में यानी कन्या विवाह आदि में खर्च करते हैं। वर्तमान में उन्हें धन की नहीं, बल्कि ऐसे समाजसेवियों की आवश्यकता है जो तन, मन और समर्पण भाव से जुड़कर कार्य करें। अगर आपका उद्देश्य अच्छा होगा तो धन तो अपने आप भावना जागृत होगी और धनराशि आ जाएगी।
गौ सेवा
गौ माता की सेवा करना बहुत अच्छी बात है लेकिन गौ माता के ऊपर अगर संकट आता है या कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा कभी उनकी हत्या कर दी जाती है तो हमें हमारे दायित्व का निर्वाह करना भी आना चाहिए। पत्रकार वार्ता के समय प्रसिद्ध एडवोकेट कैलाश परिहार एवं चंद्र प्रकाश परिहार भी उपस्थित थे।