कांग्रेस में रतलाम जिले में इस्तीफा का दौर चालू कांग्रेस के लिए शुभ संकेत नहीं

जावरा (अभय सुराणा)। मध्यप्रदेश कांग्रेस संगठन को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने देर रात प्रदेशभर के 780 ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्षों के नामों की घोषणा कर दी। जारी सूची में रतलाम जिले के 15 ब्लॉक अध्यक्षों के नाम शामिल किए गए हैं, जिससे जिले की कांग्रेस राजनीति में नई ऊर्जा का संचार हुआ है वहीं दूसरी ओर इस्तीफो को दोर भी चालू हो गया है।
सूत्रों के अनुसार हाल ही में इंदौर में आयोजित एक विवाह समारोह के दौरान रतलाम शहर कांग्रेस अध्यक्ष शांतिलाल वर्मा एवं जिला कांग्रेस अध्यक्ष हर्ष विजय गेहलोत की प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी से मुलाकात हुई थी। तभी से राजनीतिक हलकों में संगठनात्मक नियुक्तियों को लेकर चर्चाएं तेज थीं। अब सूची जारी होने के साथ ही इन अटकलों पर विराम लग गया है।
रतलाम जिले में घोषित ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष घोषित सूची के अनुसार—
पिपलोदा दक्षिण – राजेश पटेल
पिपलोदा उत्तर – नरेंद्र सिंह चंदावत
जावरा ग्रामीण – भेकलाल परमार
सरवन – छगन भगौरा
रावटी – नरेंद्र गरवाल
बाजना – प्रकाश डामर
सैलाना – सुरेश इडोर
रतलाम शहर ब्लॉक क्रमांक-4 – मेहमूद शेरानी
रतलाम शहर ब्लॉक क्रमांक-3 – बलराम शांतु गवली
रतलाम शहर ब्लॉक क्रमांक-2 – प्रदीप राठौर
रतलाम शहर ब्लॉक क्रमांक-1 – पार्षद आशा रावत
नामली – ओमप्रकाश पाटीदार
रतलाम ग्रामीण – दिलीप कुमावत
बिलपांक – मंगल पाटीदार
मुंदड़ी – राकेश सोलंकी
रतलाम जिला अध्यक्ष का इस्तीफा
रतलाम जिला कांग्रेस के अध्यक्ष एवं पूर्व विधायक हर्ष विजय गहलोत ने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी को अपना इस्तीफा भेजा है ओर यह सोशल मीडिया पर भी बहुत चल रहा है वैसे इस्तीफे में पारिवारिक दायित्व एवं सेलाना विधान सभा का दायित्व के कारण जिला अध्यक्ष पद का दायित्व निर्वहन नहीं कर पा रहा हूं दोनों कारण बताते हुए जिला अध्यक्ष के पद से त्यागपत्र दिया है। अगर हम सूत्रों की माने तो उनकी बात ठोस प्रतीत नहीं उतर रही है मोबाइल पर संपर्क करना चाहा तो नहीं हो पाया है सूत्रों के अनुसार जिला अध्यक्ष अपने जिले में संगठन को सक्रियता से आगे बढ़ाने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे थे स्वागत सत्कार भी इनका हर जगह हुआ लेकिन इसी बीच ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष की सूची जारी होते ही इस्तीफा दे देना कई प्रश्नों को खड़ा कर रहा है ऐसा माना जा रहा है कि जावरा विधानसभा के कांग्रेस प्रत्याशी विरेन्द्र सिंह ने अपने समर्थकों को ब्लॉक अध्यक्ष की सूची में ला दिया है जिसके चलते गुटीय राजनीति एक बार फिर हावी हो गई है इस संदर्भ में उन्होंने अपनी प्रतिक्रिया में बताया कि जो कांग्रेस का सच्चा सीपाही है उन्हें पद प्राप्त हुआ है ओर एक पोस्ट के लिए तो कई दावेदार होते हैं लेकिन जवाबदारी किसी एक को ही दी जा सकती है संगठन में भी कई पदों पर नियुक्तियां बाकी है अवसर आने पर उन्हें भी दायित्व दिया जा सकता है।
जावरा ब्लॉक अध्यक्ष अभी होल्ड पर प्रदेश कांग्रेस द्वारा 780 अध्यक्षों की जो सूची जारी की गई उसमें जावरा शहर का नाम नहीं आना भी एक प्रश्न चिन्ह खड़ा करता है सूत्रों की माने तो जावरा ब्लॉक अध्यक्ष पर दावेदारों में चार नाम थे लेकिन ऐसा लग रहा कि इस पद पर अब किसी मुस्लिम नेता की नियुक्ति हो सकती है ।सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार वर्तमान ब्लाक कांग्रेस अध्यक्ष सुशील को चटा के नाम पर सहमति बन गई थी लेकिन उनके द्वारा इनकार करने पर अलग-अलग नेताओं ने अपने समर्थकों के नाम को आगे बढ़ाया।
एनएसयूआई के जिला अध्यक्ष राहुल शर्मा ने भी अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। इससे ऐसा लगता है कि कांग्रेस वापस गुटीय राजनीति में उलझ गई है।
जिला अध्यक्ष हर्ष विजय गेहलोत द्वारा जिला अध्यक्ष पद पर इस्तीफा देने पर उनसे उनकी प्रतिक्रिया जानने के लिए मोबाइल पर संपर्क करना चाहा लेकिन उनका मोबाइल स्विच ऑफ बता रहा है।
वेसे कई कांग्रेस नेताओं ने इन नियुक्तियों को संगठन सुदृढ़ीकरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया है। पार्टी का मानना है कि नए ब्लॉक अध्यक्ष जमीनी स्तर पर संगठन को मजबूती देंगे और आगामी चुनावों में कांग्रेस की स्थिति को और मजबूत करेंगे।
घोषणा के बाद जिलेभर में कांग्रेस कार्यकर्ताओं में उत्साह का माहौल है और नव-नियुक्त पदाधिकारियों को बधाइयों का सिलसिला लगातार जारी है। नाराज लोग या तो इस्तीफा दे रहे हैं या पूरा दबाव बनाकर चेंज करने की बात कर रहे हैं। कुल मिलाकर वर्तमान परिपेक्ष में कांग्रेस की गुटीय राजनीति के कारण साधारण कार्यकर्ता अपने को ठगा सा महसूस कर रहा है।