प्रदेश सरकार पेंशनरों को 4% महंगाई राहत तुरन्त स्वीकृत करे

रतलाम। मध्यप्रदेश सरकार प्रदेश के पेंशनरों के प्रति पूरी तरह से उपेक्षापूर्ण वृत्ति के साथ अवहेलना का रवैया प्रदर्शित कर रही है। लंबे समय से पेंशनर 2+2% महंगाई राहत की स्वीकृति एवं मुख्यमंत्री की प्रदेश सरकार से अपेक्षा कर रहे हैं परन्तु महीनों बीत जाने के बाद भी प्रदेश सरकार पेंशनरों को उनके वाजिब हक के 4% महंगाई राहत देने की घोषणा नहीं कर रही है।
इसी प्रकार प्रदेश उच्च न्यायालय द्वारा पेंशनरों के पक्ष में दिए गये निर्णयों की भी अनदेखी एवं अनसुनी कर रही है। सरकार सारे निर्णयों को सुप्रीम कोर्ट ले जाकर लंबित कर रही है। मामला चाहे 32 माह या 27 माह के एरियर का हो या फिर किसी और मामले में उच्च न्यायालय का पेंशनरों के पक्ष में निर्णयहो। यह सीधे-सीधे उच्च न्यायालय के फैसलों से पेंशनरों को लाभ से वंचित करने की रीति नीति है। सरकार अन्यान्य मामलों में खर्च करने में, घोषणा करने में कोताही नहीं कर रही है। कुल मिलकार पेंशनरों की उपेक्षा ही सरकार का रवैया नजर आ रहा है।
इसी प्रकार सैकड़ों बार ज्ञापन देने के बाद भी प्रदेश पुनर्गठन आयोग की धारा 49(06) को दोनों ही प्रदेश की सरकारें विलोपन नहीं कर रहीं हैं। यह भी पेंशनरों के साथ खुला अन्याय है।
यह सब विचार 7 जून को पेंशनर समाज की बैठक में उपस्थित सदस्यों ने खुल कर व्यक्त किए और सरकार के प्रति आक्रोश व्यक्त किया।
पेंशनर समाज संगठन के अध्यक्ष सुरेन्द्र छाजेड़ ने प्रेस बयान जारी कर प्रदेश सरकार से मांग की है कि पेंशनरों को 4% महंगाई राहत तुरन्त स्वीकृत घोषित की जाए और धारा 49(6) को तुरन्त विलोपित कर प्रदेश पेंशनरों को राहत प्रदान की जाए।
बैठक में माह मई में संगठन के वरिष्ठ सदस्य 88 वर्षीय मदनलाल पंवार एवं 85 वर्षीय प्रहलादसिंह राठौर के असामयिक निधन पर 2 मिनिट का मौन रखकर श्रद्धांजलि अर्पित की। अंत में संगठन के सचिव बालचंद सैनी ने आभार प्रदर्शन किया।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Play sound