
आबू पर्वत (भारत माता नमन स्थल ) । कानून की रक्षा की जिम्मेदारी जिनके कंधों पर है अगर वह रक्षक ही भक्षक बन जाए और कानून का दुरूपयोग करने लगे तो इससे बड़ी धरती माता के साथ और कोई गद्दारी नहीं हो सकती । उक्त विचार राष्ट्रसंत कमल मुनि कमलेश ने भारत में नमन स्थल पर संबोधित करते कहा कि जिसमे वफादारी का गुण नहीं धार्मिक तो क्या इंसान कहलाने लायक भी नहीं है ।
जैन संत ने कोरोना वैक्सीन के प्रति भ्रांतियां फैलाने वालों को कड़ी फटकार लगाते हुए कहा कि जनता को गुमराह ना करें । धर्माचार्य जनता को जागरूक करके मानवता की रक्षा में अपना योगदान दें । उन्होंने कहा कि कोरोना वायरस से डरने की लडऩे की आवश्यकता है बीमारी से जितने नहीं मरते उतने ही उसके भय से ज्यादा मरते हैं । इस मौके पर अखिल भारतीय जीवन बीमा पर विचार मंच नई दिल्ली के कार्यकर्ताओं ने कोरना मुक्त विश्व निर्माण का संकल्प लिया ।