जैन दिवाकरीय श्री चौथमलजी म.सा. से उदयपुर राजपरिवार बरसों तक जुड़ा रहा है – विश्व राज सिंह

श्वेताम्बर जैन मुनि चौथमलजी के 126 वें दीक्षा जयंती समारोह में शामिल हुए उदयपुर के पूर्व राजपरिवार के सदस्य

कोटा । उदयपुर पूर्व राजपरिवार के सदस्य महाराणा महेन्द्र सिंह के पुत्र विश्वराज सिंह रविवार को कोटा आए । वे श्वेताम्बर जैन मुनि चौथमल महाराज की 126 वीं दीक्षा जयंती में शामिल हुए । उन्होंने कहा कि चौथमल महाराज से उदयपुर राजपरिवार बरसों तक जुड़ा रहा। बीच में थोड़ा समय ठहराव हो गय था लेकिन अब फिर से ६५ साल बाद वह जुड़ रहा है, जो अब हमेसा जारी रहेगा।
चौथमल महाराज के आदर्शो पर परिवार चलेगा । इसके लिए विश्वराजसिंह ने चौथमल महाराज के शिष्य मुनि मुलमुनि का सम्मान भी किया । इस दौरान विश्वराज सिंह ने पिता महेन्द्रसिंह की ओर से भेजे गए संदेश का वाचन भी किया । साथ ही चौथमल महाराज की तस्वीर भेंट कर मूल मुनि महाराज का सम्मान भी किया। उन्होंने पिता द्वारा भेजी गई चादर को चादर भी मुलमुनि महाराज को भेंट की ।
मुनि राकेश कुमार ने कहा कि चौथमल महाराज दिव्य संत थे । उनके शिष्य बने मुल मुनि महाराज ने उनके व्यक्तित्व को देखकर दीक्षा ली थी । उन्होंने कितने ही लोगों की बुआईयों से दूर किया। मुनि जितेन्द्र भी चौथमल महाराज की जीवनी पर प्रकाश डाला। इस दौरान जैन समाज ने कुंवर विश्वराज सिंह का सम्मान किया। मुलमुनि महाराज ने स्वयं द्वारा रचित भजन अभी समय है साथ ले लो संबल, जहां कभी जाओगे, खुशी पाओगे सुनाया। विशिष्ट अतिथि एएसपी प्रवीण ने भी चौथमल महाराज के बारे में बताया कि उनकी वाणी और आचरण एक थे।
अध्यक्ष सुरेश जैन ने कहा कि हर चौथमल महाराज का व्यक्तित्व पूरे जैन समाज की श्रद्धा का केन्द्र रहा है । उनकी वाणी और आचरण एक थे। उन्होंने हर प्राणी व जीव की रक्षा के जीवनभर काम किया । जैन दिवाकर के महामंत्री ताराचंद जैन ने भी विचार रखें ।

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