उज्जैन । विक्रम विश्वविद्यालय की प्राचीन भारतीय इतिहास, संस्कृति एवं पुरातत्व अध्ययनशाला के विभागाध्यक्ष डॉ.रामकुमार अहिरवार ने जानकारी दी कि बुधवार 17 मार्च को प्रात: 10.30 बजे से अध्ययनशाला में एक दिवसीय पद्मश्री डॉ.वीएस वाकणकर स्मृति व्याख्यानमाला का आयोजन किया जायेगा। इसमें विक्रम विश्वविद्यालय परिक्षेत्र के समस्त महाविद्यालयों में पदस्थ इतिहास विषय के प्राध्यापक, सहायक प्राध्यापक एवं अतिथि विद्वान सहभागिता करेंगे।
इस कार्यक्रम के उद्घाटन सत्र की अध्यक्षता कुलपति प्रो.अखिलेश कुमार पाण्डेय करेंगे। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डॉ.नारायण व्यास एवं विशिष्ट अतिथि डॉ.प्रशांत पौराणिक कुलसचिव महर्षि पाणिनी संस्कृत वैदिक विश्वविद्यालय होंगे। इसमें डॉ.हर्षवर्धन सिंह तोमर भोपाल, डॉ.रमेश यादव भोपाल, डॉ.ललिता शर्मा झालावाड़ और डॉ.नीरज त्रिपाठी जयपुर द्वारा शिक्षा नीति पर महत्वपूर्ण व्याख्यान भी दिया जायेगा। इस अवसर पर विभाग के छह भूतपूर्व छात्रों को पद्मश्री डॉ.वाकणकर स्मृति सम्मान से सम्मानित किया जायेगा। राष्ट्रीय शिक्षा नीति परिचर्चा पर समस्त इतिहासकारों के बीच परिचर्चा होगी। निर्णय अनुसार रोजगारोन्मुखी पाठ्यक्रम तैयार किया जायेगा।
इतिहासकार सम्मेलन आज होगा
उज्जैन । विक्रम विश्वविद्यालय की प्राचीन भारतीय इतिहास, संस्कृति एवं पुरातत्व अध्ययनशाला के विभागाध्यक्ष डॉ.रामकुमार अहिरवार ने जानकारी दी कि बुधवार 17 मार्च को प्रात: 10.30 बजे से अध्ययनशाला में एक दिवसीय पद्मश्री डॉ.वीएस वाकणकर स्मृति व्याख्यानमाला का आयोजन किया जायेगा। इसमें विक्रम विश्वविद्यालय परिक्षेत्र के समस्त महाविद्यालयों में पदस्थ इतिहास विषय के प्राध्यापक, सहायक प्राध्यापक एवं अतिथि विद्वान सहभागिता करेंगे।
इस कार्यक्रम के उद्घाटन सत्र की अध्यक्षता कुलपति प्रो.अखिलेश कुमार पाण्डेय करेंगे। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डॉ.नारायण व्यास एवं विशिष्ट अतिथि डॉ.प्रशांत पौराणिक कुलसचिव महर्षि पाणिनी संस्कृत वैदिक विश्वविद्यालय होंगे। इसमें डॉ.हर्षवर्धन सिंह तोमर भोपाल, डॉ.रमेश यादव भोपाल, डॉ.ललिता शर्मा झालावाड़ और डॉ.नीरज त्रिपाठी जयपुर द्वारा शिक्षा नीति पर महत्वपूर्ण व्याख्यान भी दिया जायेगा। इस अवसर पर विभाग के छह भूतपूर्व छात्रों को पद्मश्री डॉ.वाकणकर स्मृति सम्मान से सम्मानित किया जायेगा। राष्ट्रीय शिक्षा नीति परिचर्चा पर समस्त इतिहासकारों के बीच परिचर्चा होगी। निर्णय अनुसार रोजगारोन्मुखी पाठ्यक्रम तैयार किया जायेगा।