नरेन्द्र मेहता का नेत्रदान — दो दृष्टिहीनों के जीवन में आएगा उजियारा

रतलाम। हरमाला रोड निवासी स्व. वर्धमान मेहता के सुपुत्र नरेन्द्र मेहता के निधन उपरांत उनके परिजनों द्वारा नेत्रदान कर मानवता की उत्कृष्ट मिसाल प्रस्तुत की गई। इस पुण्य कार्य से दो दृष्टिहीन व्यक्तियों को दृष्टि प्राप्त होगी और उनके जीवन में नया प्रकाश आएगा।
दिवंगत के पुत्र विकास कुमार मेहता एवं परिजनों को इस महान कार्य के लिए हँसमुख गांधी एवं पंकज चपरोट ने प्रेरित किया। नेत्रम संस्था के हेमंत मूणत ने बताया कि परिजनों की सहमति मिलते ही गीता भवन न्यास के ट्रस्टी एवं नेत्रदान प्रभारी डॉ. जी.एल. ददरवाल को सूचना दी गई।
डॉ. ददरवाल के मार्गदर्शन में उनकी टीम के सदस्य मनीष तलाच एवं परमानंद राठौड़ ने तत्परता से पहुँचकर नेत्र (कॉर्निया) संरक्षण की प्रक्रिया को पूर्ण श्रद्धा एवं विधिवत रूप से संपन्न किया।
नेत्रदान प्रक्रिया के दौरान परिवारजन, रिश्तेदार, मित्र एवं समाजजन उपस्थित रहे। उन्होंने प्रत्यक्ष रूप से कॉर्निया संरक्षण की प्रक्रिया को देखा, इससे जुड़ी भ्रांतियों को समझा तथा भविष्य में स्वयं भी नेत्रदान करने का संकल्प लिया।
इस अवसर पर नेत्रम संस्था के सदस्य हेमंत मूणत, ओमप्रकाश अग्रवाल, शलभ अग्रवाल, शीतल भंसाली सहित अनेक समाजसेवी उपस्थित रहे। नेत्रम संस्था द्वारा दिवंगत के परिजनों को प्रशस्ति पत्र भेंट कर उनकी उदारता एवं सहृदयता का सम्मान किया गया।
संस्था ने समस्त नागरिकों से भावपूर्ण अपील की है कि वे भी नेत्रदान जैसे पुण्य कार्य में सहभागी बनें और समाज को अंधकार से प्रकाश की ओर ले जाने में सहयोग करें।

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