रतलाम के नमकीन एवं अलाईड फूड क्लस्टर ने बजट 2026 को सराहा; MSMEs के लिए ‘संजीवनी’ करार

रतलाम 1 फरवरी। ‘नमकीन एवं अलाईड फूड क्लस्टर एसोसिएशन’ के अध्यक्ष वैभव कुमार जैन ने केंद्रीय बजट 2026-27 पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए इसे जिले के औद्योगिक विकास के लिए मील का पत्थर बताया है।
एसोसिएशन की ओर से जारी बयान में श्री जैन ने कहा, “यह बजट रतलाम के परंपरागत क्लस्टर्स जैसे नमकीन एवं अन्य फूड उद्योगों को आधुनिकता की ओर ले जाने वाला है। विशेष रूप से ई-कॉमर्स निर्यात पर कूरियर सीमा का हटना हमारे स्थानीय व्यापारियों के लिए अंतरराष्ट्रीय बाजार के रास्ते खोल देगा।”

एसोसिएशन द्वारा रेखांकित बजट की मुख्य विशेषताएं:
क्लस्टर विकास :

  • पुराने औद्योगिक क्लस्टर्स के लिए विशेष फंड से रतलाम की फूड इकाइयों के आधुनिकीकरण को गति मिलेगी।
  • कैपेक्स में वृद्धि: ₹12.2 लाख करोड़ के पूंजीगत व्यय से लॉजिस्टिक्स और कनेक्टिविटी सुधरेगी, जिससे माल की आवाजाही सस्ती होगी।
  • डिजिटल सशक्तिकरण: ‘भारत-विस्तार’ जैसे एआई टूल्स फूड प्रोसेसिंग इकाइयों को कृषि इनपुट की बेहतर जानकारी देंगे।
  • टैक्स राहत: व्यक्तिगत आयात और विशिष्ट इनपुट्स पर कस्टम ड्यूटी में कटौती से पैकेजिंग और मशीनरी की लागत में कमी आने की संभावना है।

अध्यक्ष वैभव कुमार जैन ने विश्वास जताया कि इन प्रावधानों से रतलाम का MSME सेक्टर न केवल मजबूत होगा, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे।

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