जैन समाज जबलपुर का दूरदर्शी और प्रेरणादायक संकल्प

इंदौर (राजेश जैन दद्दू) । संस्कार धानी जबलपुर जैन समाज का यह निर्णय भारत वर्षीय जैन समाज के लिए सचमुच अनुकरणीय है। धर्म समाज प्रचारक राजेश जैन दद्दू ने बताया कि जबलपुर नगर में विराजमान श्रंमण संस्कृति के भावना योग प्रवर्तक परम पूज्य मुनि श्री प्रमाण सागर जी ने अपनी मंगल देशना में समाज को संबोधित करते हुए समाज जन को प्रतिज्ञा दिलाते हुए कहा कि दिन में विवाह एवं दिन में ही भोज का आयोजन—यह पहल न केवल ऊर्जा-संरक्षण और पर्यावरण-संवेदनशीलता का सुंदर उदाहरण है, बल्कि सादगी, स्वास्थ्य और संयमपूर्ण जैन जीवनशैली को भी सशक्त करती है।
नॉन-वेज होटल एवं रिसॉर्ट में विवाह न करने का संकल्प जैन समाज के शुद्ध शाकाहारी मूल्यों को मजबूती देता है और आने वाली पीढ़ी को सही संस्कारों की दिशा दिखाता है।
साथ ही, इस अवसर पर जबलपुर समाज द्वारा अत्याधुनिक मैरिज गार्डन विकसित करने का विचार भी अत्यंत प्रशंसनीय है—यह सुविधा, संस्कार और आत्मसम्मान का उत्तम संगम होगा। विश्व जैन संगठन राष्ट्रीय जिन शासन एकता संघ के मंयक जैन राजेश जैन दद्दू ने कहा कि भारत वर्षीय जैन समाज भी यदि इस प्रेरक पहल को अपनाए तो यह एक आदर्श उदाहरण बन सकता है।
एक व्यावहारिक सुझाव यह है कि इंदौर जैन समाज शुद्ध शाकाहारी होटल, मैरिज गार्डन एवं रिसॉर्ट्स के साथ समझौता (MoU) करे, ताकि समाज में होने वाले विवाह एवं आयोजनों के लिए जैन परिवारों को विशेष छूट एवं रियायती दरों पर सुविधाएँ उपलब्ध हो सकें। इससे संस्कारों की रक्षा के साथ-साथ आर्थिक सहयोग भी सुनिश्चित होगा।
ऐसी पहल समाज को संस्कारवान, पर्यावरण-अनुकूल और संगठित बनाने की दिशा में मील का पत्थर सिद्ध होंगी। जबलपुर जैन समाज को हार्दिक साधुवाद और इंदौर सहित अन्य नगरों के लिए प्रेरणास्रोत बनने यही निवेदन।

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