रतलाम 4 फरवरी । भारत सरकार सहकारिता मंत्रालय की महत्वाकांक्षी ‘‘सहकार से समृद्धि’’ योजना अंतर्गत भारत की सभी प्राथमिक कृषि साख सहकारी संस्थाओं को कम्प्यूटराइज्ड किया जाकर ऑनलाईन मोड में कार्य करवाया जा रहा है। इसी क्रम में जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक मर्यादित रतलाम से संबद्ध समस्त 103 प्राथमिक कृषि साख सहकारी संस्थाऐं कम्प्यूटराईज्ड होकर ऑनलाईन मोड में कार्य करने लगी है। बैंक एवं संस्थाओं के कर्मचारियों द्वारा 10 चरणों में क्रमबद्ध तरीके से कार्य कर अपने सतत् प्रयासों से यह उपलब्धि प्राप्त की गई है।
पैक्स कम्प्युटराईजेशन से ऑनलाईन मोड में कार्य प्रारंभ करने पर सहकारी क्षेत्र से जुड़े लाखो किसानों को नगद राशि, खाद, बीज, दवाईयों का त्वरित वितरण किया जा सकेगा। किसानों द्वारा लिये गये ऋण की जानकारी तुरंत एसएमएस के माध्यम से प्राप्त होगी। सहकारी समितियों के लेखो में शुद्धता एवं पारदर्शिता आयेगी। सहकारी संस्थाओं की क्षमता, दक्षता और प्रभावशीलता बढ़ेगी।पैक्स कम्प्युटराईजेशन से समितियां अपने व्यवसाय में विविधिकरण कर जैसे जनऔषधी केन्द्र, पेट्रोल पंप, गैस एजेंसी, धर्म-कांटा, कृषि उत्पादों का प्रसंसकरण/मार्केटिंग जैसे बहुआयामी व्यापार कर लाभ अर्जन कर सकेगी। शासकीय योजनाओं के क्रियान्वयन में सुगमता आयेगी इससे ग्रामीण समुदायों का विकास होगा और समावेशी आर्थिक विकास को बढ़ावा मिलेगा।
कलेक्टर एवं बैंक प्रशासक श्रीमती मिशा सिंह के मार्गदर्शन में उपायुक्त सहकारिता श्री एन.एस.भाटी, तत्कालीन बैंक महाप्रबंधक श्री आलोक जैन, बैंक महाप्रबंधक श्री कृतज्ञ गुप्ता, प्रबंधक (प्रशासन) सुश्री आंचल श्रोत्रिय, मास्टर ट्रेनर श्री अरविन्द वत्स, श्री दीपक शेलके, सभी शाखा प्रबंधक, समिति प्रबध्ांक, सहायक समिति प्रबंधक एवं समस्त संस्थाओं के कम्प्यूटर ऑपरेटरों के संयुक्त प्रयासों से यह उपलब्धि प्राप्त हुई है।