स्कूल बसों के चालकों एवं अटेन्डरों के नेत्र परीक्षण किये गये




रतलाम । जिला परिवहन अधिकारी श्री जगदीश बिल्लौरे ने बताया कि कलेक्टर श्रीमती मिशा सिंह के आदेशानुसार जिले में स्कूल बसों की निरंतर चेकिंग की कार्यवाही जारी है। जिला परिवहन अधिकारी जगदीश बिल्लोरे एवं कार्यालयीन स्टाफ के द्वारा 21 फरवरी को जिले में स्थित स्कूलों में संचालित होने वाली बसों की चेकिंग की गई, जिसमें स्कूल बसों के परमिट, फिटनेस, बीमा, पी.यू.सी., आपातकालीन खिड़की व दरवाजे, व्ही.एल.टी.डी., प्राथमिक उपचार पेटी, अग्निशमन यंत्र, फायर अलार्म सिस्टम, पैनिक बटन की जांच की गई एवं स्पीड गवर्नर को बारीकी से चेक किया गया। जिसमें से 04 वाहनों में स्पीड गवर्नर (एस.एल.डी.) चालू हालत में नहीं पाये गये। इस कारण से 04 स्कूल वाहनों से समझौता शुल्क राशि रु. 12,000/- वसूल किये गये।
स्कूल वाहनों में लगे अग्निशमन यंत्रों की वैधता जांची गई तथा जांच उपरांत अग्निशमन यंत्रों को चलवाये जाकर चेक किया गया, जो कि वैध अवधि में पाये गये किन्तु 03 स्कूल बसों में अग्निशमन यंत्रों की वैधता अवधि समाप्त पाई गई। इस कारण से 03 स्कूल वाहनों से समझौता शुल्क राशि रु. 9,000/- वसूल किये गये।
इस प्रकार 07 स्कूल वाहनों से कुल समझौता शुल्क राशि रु. 21,000/- वसूल किये गये। साथ ही स्कूल संचालकों को हिदायत दी गई कि वे अपनी स्कूल वाहनों में वैध अवधि के अग्निशमन यंत्र तथा गति नियंत्रक यंत्र (एस.एल.डी.) चालू करवाये जाकर 05 दिवस में वाहन भौतिक सत्यापन हेतु कार्यालय में प्रस्तुत करें। वाहन प्रस्तुत नहीं करने पर उक्त वाहनों के विरुद्ध मोटरयान अधिनियम के तहत पुनः चालानी कार्यवाही अमल में लाई जायेगी।
जिले के महू नीमच रोड पर स्थित हिमालय इंटरनेशनल स्कूल द्वारा ओजस आई हॉस्पिटल के नेत्र विशेषज्ञ डॉ. रिंकू रन्धा बघेल के द्वारा 42 स्कूल बसों के चालकों एवं बस अटेन्डरों के नेत्रों का परीक्षण किया गया, जिसमें 36 चालक एवं अटेन्डर नेत्र परीक्षण में फिट पाये गये एवं 06 चालक एवं अटेन्डर की नजर कमजोर पाई जाने से उन्हें चश्मे के नंबर दिए जाकर उन्हें नंबर का चश्मा बनवाये जाने हेतु निर्देशित किया गया। साथ ही उपरोक्त स्कूल के 42 वाहन चालकों एवं अटेन्डरों का पुलिस चरित्र सत्यापन की जांच की गई, जिसमें 04 चालकों के चरित्र सत्यापन की अवधि समाप्त होना पाई गई। उन्हें नवीन चरित्र सत्यापन बनवाया जाकर 07 दिवस में जिला परिवहन अधिकारी के समक्ष प्रस्तुत किये जाने हेतु निर्देशित किया गया।