मालवी – निमाड़ी बोली पर विमर्श एवं कवि सम्मेलन 14 मार्च को

प्रदेश के साहित्यकार मौजूद रहेंगे

रतलाम। साहित्य अकादमी मध्यप्रदेश शासन की प्रेमचंद सृजन पीठ द्वारा 14 मार्च शनिवार को रतलाम में मालवी- निमाड़ी बोली के संरक्षण- संवर्धन पर विमर्श एवं कवि सम्मेलन का आयोजन 14 मार्च शनिवार को प्रातः 11 बजे गुलाब चक्कर, पुराने कलेक्ट्रेट परिसर, रतलाम में किया जा रहा है। आयोजन में प्रदेश के मालवी निमाड़ी के साहित्यकार मौजूद रहेंगे।
उक्त जानकारी देते हुए साहित्य अकादमी मप्र शासन भोपाल के निदेशक डॉ. विकास दवे एवं प्रेमचंद सृजन पीठ, उज्जैन के निदेशक
मुकेश जोशी ने बताया कि आयोजन के सारस्वत अतिथि सुपरिचित विद्वान डॉ. मुरलीधर चांदनीवाला होंगे। विश्वकीर्तिमानक मालवी दोहाकार डॉ. ओम जोशी (सोनकच्छ) कार्यक्रम की अध्यक्षता करेंगे तथा वरिष्ठ निमाड़ी गीतकार शिशिर उपाध्याय (बड़वाह) मुख्य अतिथि, मालवी की वरिष्ठ कवयित्री डॉ. माया बदेका (उज्जैन), वरिष्ठ निमाड़ी कवयित्री डॉ .रेखा मंडलोई (इंदौर) विशिष्ट अतिथि रहेंगी । कवि सुरेंद्र सर्किट (उज्जैन) के संचालन और व्यंग्यकार, ग़ज़लकार आशीष दशोत्तर के समन्वय में होने वाले इस आयोजन में कवि डॉ. कारूलाल जमड़ा (जावरा), डॉ.राजेश रावल (गोंदिया), दीपक पगारे (बड़वाह), कैलाश सोनी सार्थक (नागदा), जुझार सिंह भाटी , यशपाल तंवर, संजय परसाई ‘सरल’ (रतलाम), राहुल शर्मा (शाजापुर) ,सीमा देवेन्द्र (उज्जैन), ऋतुराज गुर्जर (पोलाय) , भरत पंड्या (रूपाखेड़ी ) आदि कविगण अपनी मालवी – निमाड़ी रचनाओं से रतलामवासियों को अपनी आंचलिकता से परिचित करवाएंगे। आयोजन के स्थानीय समन्वयक आशीष दशोत्तर ने रतलाम और आसपास के सुधिजनों से उपस्थिति का आग्रह किया है।

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