रतलाम । स्वास्थ्य विभाग द्वारा जलवायु परिवर्तन एवं मानव स्वास्थ्य के विषय पर चार दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम विरियाखेड़ी ट्रेनिंग सेंटर, जिला रतलाम में आयोजित किया गया। कार्यक्रम मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, जिला रतलाम की उपस्थिति में संपन्न हुआ।
प्रशिक्षण कार्यक्रम में सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी, आशा कार्यकर्ता तथा आशा सहयोगिनी ने प्रशिक्षार्थी के रूप में भाग लिया। कार्यक्रम में शासकीय मेडिकल कॉलेज के एसोसिएट प्रोफेसर (पीएसएम विभाग) डॉ. ध्रुवेंद्र पांडे द्वारा जलवायु परिवर्तन के कारण मानव स्वास्थ्य पर पड़ने वाले विपरीत प्रभावों तथा इससे होने वाली विभिन्न प्रकार की बीमारियों के संबंध में विस्तृत जानकारी दी गई। उन्होंने विशेष रूप से वायु प्रदूषण, जलवायु परिवर्तन और मौसमी बीमारियों के प्रभावों पर प्रकाश डाला।
प्रशिक्षण में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने निर्देशित किया कि गर्मी के मौसम में होने वाली बीमारियों से बचाव हेतु विशेष सतर्कता बरती जाए। साथ ही ग्रामवासियों को आरोग्य केंद्रों पर उपलब्ध सुविधाओं के अंतर्गत सभी स्वास्थ्य केंद्रों में ओआरएस कॉर्नर बनाये जाकर घोल बनाने की विधि बताई जाए एवं गर्मी के मौसम में होने वाली बीमारियों से बचने के लिए ओआरएस की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए । ग्राम इस्तर पर भी 16 प्रकार की दवाइयां एवं 5 प्रकार की जांच अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
प्रशिक्षण में आईडीएसपी के महामारी नियंत्रक डॉ. गौरव बोरीवाल द्वारा प्रमुख बीमारियों के कारण, जांच, उपचार एवं उनसे बचाव के उपायों के बारे में जानकारी दी गई। साथ ही मैदानी स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को ग्राम स्तर तक पर्याप्त मात्रा में दवाइयों की उपलब्धता सुनिश्चित करने एवं जांच व्यवस्था को बनाए रखने के निर्देश दिए गए।
मौसमी बीमारियों के अंतर्गत जिला सलाहकार (वेक्टर जनित बीमारी) डॉ. प्रमोद प्रजापति द्वारा मलेरिया, डेंगू एवं चिकनगुनिया जैसी बीमारियों के कारण, बचाव के उपाय तथा समय पर जांच एवं उपचार के महत्व की जानकारी प्रदान की गई। साथ ही मच्छरों के प्रजनन को रोकने के लिए एंटी-लार्वा गतिविधियों को बढ़ावा देने तथा ग्रामों में मच्छरदानी के उपयोग को प्रोत्साहित करने के संबंध में भी जानकारी दी गई। प्रशिक्षण कार्यक्रम के समापन पर सभी प्रशिक्षार्थियों को प्रशस्ति पत्र प्रदान किए गए।