आत्म शांति कोई वस्तु नहीं जो खरीदी या बेचीं जा सके – राष्ट्र संत कमलमुनि कमलेश

आबू रोड ।आत्म शांति के अभाव में तीन लोक की संपति भी व्यक्ति के लिए संपत्ति भी संकट विपत्ति का कारण बनती है। उक्त विचार राष्ट्र संत कमलमुनि कमलेश ने जैन स्थानक भवन आबूरोड में होली चातुर्मास एवं आचार्य सम्राट श्री आनंद ऋषि की 29 वी पुण्यतिथि के पावन प्रसंग पर व्यक्त करते हुए कहा कि अशांति ही तनाव टकराव और रोगों की जननी है।
उन्होंने कहा कि शांति पर पदार्थों से नहीं मिल सकती खरीदी और बेची भी नहीं जा सकती है स्थाई शांति से बढ़कर कोई अमृत नहीं है
मुनि कमलेश ने बताया कि आसक्ति अशांति की जननी है भौतिकवाद इंद्रियों की क्षणिक सुख शांति अनंत दुखों को खुला निमंत्रण देने के समान है।
जैन संत ने स्पष्ट कहां कि अनासक्त योगी बनेंगे तभी सच्ची शांति की प्राप्ति होगी मनो विजेता विश्व विजेता से बढ़कर है
राष्ट्रसंत ने कहा कि इंद्रियों के गुलाम का मूनिटी पावर कम हो जाता उसी पर कोरोना वायरस का हमला होता है स्ट्रांग विल पावर से बढ़कर कोरोनो को हराने के लिए कोई दवाई नहीं है श्रमण संघीय महासती भक्ति प्रभा विर क्ता प्रभा ने भी सभा को संबोधित किया कोरना गाइडलाइन का पालन करने का आह्वान किया पुण्यतिथि के उपलक्ष में महामंत्र का जाप आई म बिल का आयोजन किया गया 30 मार्च को मुन्नी कमलेश सहित गुरु भगवंत ओं का अंबाजी गुजरात पहुंचने की संभावना है

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