नौ तत्वों को जानना बहुत जरुरी है ताकि हम उन्हें समझ सके : युवाचार्य महेन्द्रऋषि जी

श्रमणसंघीय युवाचार्य बनने के बाद पूज्य गुरुदेव का द्वितीय बार नगर प्रवेश हुआ

रतलाम 3 अप्रेल। नौ तत्वों की व्याख्या करते हुए श्रमणसंघीय युवाचार्य श्री महेन्द्रऋषि म. सा. ने फरमाया की प्रथम तीन तत्व जानने योग्य है, दूसरे तीन तत्व छोड़ने योग्य है और अंतिम तीन तत्व धारण करने योग्य है।
पूज्य गुरुदेव ने उक्त विचार नीमचौक जैन स्थानक पर धर्म सभा को सम्बोधित करते हुए कहे आपने कहा की प्रथम तीन तत्व है जीव, अजीव और पुण्य, जीव अजीव और पुण्य को जानना समझना बहुत जरूरी है, जीव और अजीव में भेद जानना जरूरी है। और हमेशा अच्छे कर्म करते रहना चाहिए जिससे पूण्य का संचय हो सके। अगले तीन तत्व पाप, बन्ध और आश्रव । बुरे कर्म मतलब पाप, बुरे कर्मो से पाप का बन्ध होता है और उन पापों का संग्रह करना एकत्रित करना, बढाना मतलब आश्रव । अगले तीन तत्व है सँवर, निर्जरा और मोक्ष मतलब पाप बन्ध को काटना उन्हे रोकना मतलब सँवर, पाप बन्ध का रास्ता बंद करना निर्जरा और अगर यह हो गया तो मोक्ष का रास्ता खुला है आसान है ।
युवाचार्य श्री जी ने फरमाया की 09 तत्व की व्याख्या बहुत विस्तृत है आगामी प्रवचन में इसका वर्णन करने का प्रयास करेंगे। आपश्री ने फरमाया में 2014 में 2015 में और 2018 में रतलाम नगर में आना हुआ, यह नगरी बहुत ही भाग्यशाली नगरी है यहाँ पर हमेशा सन्त सतियों का पदार्पण होता रहता है। आज आपने बहुत ही अच्छे भाव से हमारी आगवानी की इससे जिनशासन की गरिमा बढ़ती है।
श्रीसंघ अध्यक्ष अजय खमेसरा ने अपने स्वागत भाषण में युवाचार्य श्री जी से विनती करी की 09 तत्व को समझने में कम से कम 09 दिन का समय लगता है अतः आप रतलाम नगर को 09 दिन का लाभ प्रदान करने की महती कृपा करें। मीडिया प्रभारी नीलेश बाफना ने जानकारी देते हुए बताया की पूज्य गुरुदेव का युवाचार्य बनने के पश्चात् यह रतलाम नगर मै प्रथम आगमन है, उसको पुरे श्रीसंघ ने ऐतिहासिक बनाया है। धर्मसभा के पूर्व प्रातः 8 बजे स्टेशन रोड जैन स्थानक से युवाचार्य महेन्द्र ऋषि जी, हितमीतभाषी पूज्य हितेंद्र ऋषि जी, तपस्वी पूज्य धवल ऋषि जी, नवदीक्षित पूज्य महक ऋषि जी आदि ठाना -4 और उपप्रवर्तिनी दिव्य दर्शना जी म.सा. “अर्पणा” आदि ठाना–6 एवं मधुर व्याख्यानी प.पू. श्री सुचेता जी म सा.आदि ठाना–3 आदि गुरुभागवंत और महासतिया वृंद का नगर प्रवेश हुआ जो शहर के विभिन्न मार्गो से होता हुआ नीमचौक जैन स्थानक पर धर्मसभा मै परिवर्तित हुआ। पूज्य गुरुभगवंत का 4 अप्रेल को धर्मदास जैन स्थानक नोलाई पूरा पर एवं 5 अप्रेल को नीमचोक जैन स्थानक पर प्रवचन प्रातः 9 से 10 बजे तक होंगे। आगामी कार्यक्रम मै पधारने की इन्दरमल जैन, महेंद्र बोथरा, सुरेश कटारिया, मणि लाल कटारिया, ललित पटवा, जयंतीलाल डाँगी, विनोद कटारिया, अमृत कटारिया, विनोद बाफना, आशीष कटारिया, वीरेंद्र कटारिया, अरिहंत बोराना, रीना गाँधी, ऋतु कटारिया, समता पितलिया, प्रवीणा भटेवरा, मोनिका मेहता, मीना बोथरा, राजकुमारी पोखरना, कुसुम भटेवरा, साधना श्रीश्रीमाल सुहानी पटवा, भूमि गाँधी, रक्षिता पटवा, लक्ष्य कटारिया, श्रेयांस बाफना, शुभ बोराणा ने विनती की। कार्यक्रम का संचालन विनोद बाफना और आभार गुणवंत मालवी ने किया।

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