जावरा में लंग्स सम्बंधित चिकित्सक पलमोनोलॉजिस्ट की नियुक्ति की जाना चाहिए – श्री श्रोत्रिय
जावरा (अभय सुराणा) । कोरोना महामारी एक गंभीर और जानलेवा बीमारी है जो वर्तमान में पुन: अपने विकराल रूप में अनेक पैर पसार रही है । जहां यह बिमारी पूरे देश-प्रदेश जिले एवं शहर के कई लोगों को मौत के घाट उतार चुकी है वहीं लाखों लोग जैसे-तैसे बचकर आ रह ेहै । जिला कांग्रेस उपाध्यक्ष वरूण श्रोत्रिय एडवोकेट ने बताया कि वे स्वयं २३ सितंबर २०२० को अचानक सांस लेने में तकलीफ होने पर इंदौर में जांच के दौरान कोरोना पाजिटिव आए । तब ये चिकित्सकों की सहायता से पुन: स्वस्थ होकर अपने कत्र्तव्य स्थल पर कार्य कर रहे है उस समय में भी इंदौर हास्पिटलों की स्थिति भयावह थी किसी भी हास्पिटल में कोई बेड उपलब्ध नहीं थे और आज भी जब कोरोना महामारी फिर से उग्र रूप ले रही है जिसका सामना करना जावरा जैसे छोटे शहर एवं आसपास के ग्रामीण क्षैत्रों के लिए बड़ा ही कठिन हो रहा है । श्रोत्रिय ने सरकार से अनेक सवालों के उत्तर चाहे है जिनमें प्रमुख रूप से कोरोना की जांच पर भी प्रश्नचिन्ह लगाए है जो आम आदमी को भ्रमित कर रही है सुबह कोी व्यक्ति पाजिटिव और शाम को दूसरे शहर में नेगेटिव आता है यह जांच पर सवाल उत्पन्न करता है।
दुसरा कोरोना वायरस के टीके लगवाने पर सरकार की नीति स्पष्ट नहीं है । कभी उम्र का बंधन तो कभी गंभीर बीमारी वालों को जांच के बाद टीके औ:र अब उम्र का प्रतिबंध हटाकर ४५ वर्ष से अधिक के लोगों के टीके का आदेश जारी$ करना शासन के टीको पर सवाल पैदा करता है । साथ ही टीके लगने के बाद भी अनेक नागरिक और चिकित्सक पुन: पाजीटिव आ रहे है जो गंभीरता से विचार करने योग्य है जहां उपरोक्त सवालों से सामान्य व्यक्ति क्षैत्र के जनप्रतिनिधि एवं चिकित्सक भी परेशान है । श्रोत्रिय ने आगे बताया कि वर्तमान में जावरा क्षैत्र के अनेक लोग कोरोना की बिमारी से ग्रसित होकर रतलाम एवं इंदौर में ईलाज हेतु अस्पताल तलाश रहे है लेकिन भी चिकित्सालय में उन्हें भर्ती नहीं किया जा रहा है कहीं भी रू या पलंग उपलब्ध नहीं है सारे हास्पिटल पैक है । ऐसे हालात में श्री श्रोत्रिय ने शासन में बैटे जवाबदारों से तुरंत जावरा में लंग्स सम्बंधित चिकित्सक पलमोनोलॉजिस्ट की नियुक्ति की जाने एवं रेमडिसीवर इंजेक्शन की व्यवस्था शासन की गाईड लाईन अनुसार (नियत दामों में) लगाने की व्यवस्था की जावें ।