

बैंगलोर होसुर एसएस जैन संघ 18 अप्रैल। महापुरुषों से भी मातृशक्ति अनंत गुना महान है, वह नहीं होती तो महापुरुष कहां से होते हैं, उसको अनदेखा करना साक्षात लक्ष्मी, दुर्गा,सरस्वती और परमात्मा का अपमान करने के समान हैl उक्त विचार राष्ट्र संत कमल मुनि जी कमलेश ने नारी सम्मेलन को संबोधित करते कहा कि विश्व की निर्माता मातृशक्ति है माना जाए तो कोई अतिशयोक्ति नहीं होगीl उसको अबला के नाम से पुकारना अज्ञानता है और खुद को अबला मानती है तो नादान है l
उन्होंने कहा कि मातृशक्ति जितनी संस्कारी और चरित्रवान होगी उतना ही उज्जवल भविष्य का निर्माण होगा उसको दूसरे नंबर का दर्जा देना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है l
मुनि कमलेश ने बताया कि दुनिया की आधी आबादी मातृशक्ति तो हर क्षेत्र में उसको आधा अधिकार मिलना चाहिए तभी उसके साथ न्याय होगा l
राष्ट्र संत ने कहा कि मातृशक्ति को 50% आरक्षण मिलना चाहिए उसके विकास ही परिवार समाज और देश का विकास टिका हुआ है l
जैन संत ने कहा की कहा की शरीर की भी रचना के आधार पर पुरुष और नारी को कमज़ोर अथवा बलवान मानना भयंकर भूल होगी लिंग के आधार पर कार्य का बटवारा मानना अज्ञानता है l अंत में कहा कि आज मातृशक्ति ने पूरे विश्व में पुरुषों से कदम मिलकर हर क्षेत्र में सफलता के नए-नए कीर्तिमान स्थापित किए हैंl