जिले में नरवाई प्रबंधन हेतु जागरूकता अभियान

जिले में 300 पैकेट “बायो डीकंपोजर” किसानों को वितरित किए गए

रतलाम 20 अप्रैल। जिले में नरवाई से निपटने के लिए आगजनी की घटनाओं को रोकने के लिए जिला प्रशासन, कृषि एवं कृषि अभियांत्रिकी विभाग संयुक्त रूप से प्रयास कर रहे हैं।
कलेक्टर श्रीमती मिशा सिंह के निर्देशानुसार किसानों को जागरूक करने एवं उनको जीवंत प्रदर्शन के माध्यम से प्रशिक्षित करने हेतु जिले में 300 पैकेट “बायो डीकंपोजर” किसानों को वितरित किए गए हैं। नरवाई प्रबंधन में उपयोगी यंत्रों के विषय में जागरूकता बढ़ाने हेतु जिले भर में कृषि यंत्रों के जीवंत प्रदर्शन आयोजित किए गए। किसानों के खेतों में पहुंचकर नरवाई प्रबंधन में उपयोगी यंत्र मल्चर, देशी पाटा , रिवर्सिबल प्लाऊ आदि के माध्यम से खेत में नरवाई प्रबंधन करने हेतु प्रेरित किया जा रहा है। नरवाई प्रबंधन हेतु ज़िला स्तर पर कंट्रोल रूम कलेक्टर कार्यालय कक्ष क्रमांक 222 में स्थापित किया गया है जिस पर कृषक बंधु टोल फ्री नंबर 07412-299061 पर कॉल करके नरवाई प्रबंधन की जानकारी ले सकते, साथ ही अपने क्षेत्र के संबधित कृषि विस्तार अधिकारी या वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी कार्यालय से संपर्क कर उक्त “बायो डी कम्पोज़र” के उपयोग के बारे में विस्तृत जानकारी ले सकते है।
ग्राम पलसोड़ा के जागरूक किसान श्री महेंद्र सिंह आंजना ने देशी पाटा का उपयोग कर अपने 30 बीघा खेत में नरवाई प्रबंधन कर उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत किया है।
उप संचालक कृषि श्री आर के सिंह द्वारा किसानों से अपील की गई है कि फसलों के अवशेष (नरवाई) को जलाने के बजाय इसे आधुनिक तरीकों से खाद में परिवर्तित कर मृदा की उर्वरकता बढ़ाएं, बहुमूल्य मृदा के क्षरण को रोके, जिससे मृदा के पोषक तत्व संरक्षित हो एवं मृदा की जलधारण क्षमता बढ़े। जलवायु अनुकूल खेती की ओर एक कदम बढ़ाए।

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