वर्ष 2025-26 में 35.53 लाख यूनिट सौर ऊर्जा उत्पादन से ₹1.84 करोड़ की बचत


रतलाम, 27 अप्रैल। बढ़ती ऊर्जा आवश्यकताओं तथा पर्यावरण संरक्षण की अनिवार्यता को ध्यान में रखते हुए नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों को बढ़ावा देना समय की प्रमुख आवश्यकता बन गया है। भारतीय रेलवे इस दिशा में सतत प्रयासरत है और हरित ऊर्जा को अपनाने की दिशा में निरंतर कार्य कर रही है।
पश्चिम रेलवे का रतलाम मंडल भी इस अभियान में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हुए सौर ऊर्जा उत्पादन के माध्यम से ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में उल्लेखनीय प्रगति कर रहा है।
मंडल रेल प्रबंधक श्री अश्वनी कुमार के कुशल मार्गदर्शन में तथा वरिष्ठ मंडल बिजली इंजीनियर (पावर) लेफ्टिनेंट श्री डी.के. प्रजापति के निर्देशन में बिजली विभाग द्वारा पारंपरिक ऊर्जा स्रोतों पर निर्भरता कम करने के उद्देश्य से योजनाबद्ध तरीके से कार्य किया जा रहा है। मंडल में विभिन्न स्थानों पर रूफटॉप सोलर सिस्टम स्थापित किए जा रहे हैं तथा उनके रखरखाव और नियमित साफ-सफाई पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है, जिससे अधिकतम दक्षता के साथ ऊर्जा उत्पादन सुनिश्चित हो सके।
इन्हीं सतत प्रयासों का परिणाम है कि वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान रतलाम मंडल द्वारा लगभग 35.53 लाख यूनिट सौर ऊर्जा का उत्पादन किया गया, जिससे लगभग ₹1.84 करोड़ के राजस्व की बचत हुई है। यह उपलब्धि न केवल आर्थिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और कार्बन उत्सर्जन में कमी की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम है।
रतलाम मंडल द्वारा स्ववित्त पोषण एवं विभिन्न एजेंसियों के माध्यम से रेलवे कार्यालयों, प्लेटफॉर्म कवर शेड, स्टेशन भवनों तथा अन्य परिसरों की छतों पर सोलर पैनल स्थापित किए जा रहे हैं। इसके साथ ही इन सोलर संयंत्रों के रखरखाव एवं नियमित निगरानी पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है, ताकि ऊर्जा उत्पादन में किसी प्रकार की बाधा उत्पन्न न हो और उनकी कार्यक्षमता बनी रहे।
पश्चिम रेलवे रतलाम मंडल के जनसंपर्क अधिकारी श्री मुकेश कुमार द्वारा जारी जानकारी के अनुसार वर्ष 2025-26 में मंडल के 8 विभिन्न लोकेशनों पर कुल 388 किलोवाट क्षमता के सोलर सिस्टम स्थापित किए गए हैं। इन कार्यों के अंतर्गत इंदौर कोचिंग डिपो, इंदौर स्थित निर्माण भवन, डॉ. अंबेडकर नगर के नवीन स्टेशन भवन एवं प्लेटफॉर्म कवर शेड, देवास स्टेशन भवन, इंदौर आरक्षण कार्यालय, इंदौर हॉस्टल तथा लिमखेड़ा एवं मंगलमहूड़ी स्टेशनों पर सोलर संयंत्र स्थापित किए गए हैं, जिससे सौर ऊर्जा उत्पादन में निरंतर वृद्धि हो रही है।
इसके अतिरिक्त मंडल के अन्य स्टेशनों, मरम्मत इकाइयों, रेलवे चिकित्सालयों एवं विभिन्न कार्यालयों में पूर्व से स्थापित सोलर सिस्टम के माध्यम से भी नियमित रूप से सौर ऊर्जा का उत्पादन किया जा रहा है। इन प्रयासों के फलस्वरूप नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों पर निर्भरता लगातार बढ़ रही है और पारंपरिक ऊर्जा पर निर्भरता में कमी आ रही है।
वर्तमान में रतलाम मंडल के विभिन्न लोकेशनों पर कुल लगभग 3299 किलोवाट क्षमता के सोलर पैनल स्थापित किए जा चुके हैं, जिनसे वर्ष 2025-26 में लगभग 35.53 लाख यूनिट सौर ऊर्जा का उत्पादन संभव हुआ है। इससे ऊर्जा व्यय में उल्लेखनीय कमी आई है और रेलवे को प्रत्यक्ष आर्थिक लाभ प्राप्त हुआ है।
वरिष्ठ मंडल बिजली इंजीनियर (पावर) लेफ्टिनेंट श्री डी.के. प्रजापति के निर्देशन में सौर ऊर्जा उत्पादन को और अधिक बढ़ाने के लिए आगामी समय में अतिरिक्त लोकेशनों पर सोलर सिस्टम स्थापित करने की योजना बनाई गई है। यह पहल रेलवे को पर्यावरण के अनुकूल, किफायती एवं टिकाऊ ऊर्जा उपयोग की दिशा में और अधिक सशक्त बनाएगी।
रतलाम मंडल की यह उपलब्धि भारतीय रेलवे के “हरित रेलवे” के संकल्प को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है और भविष्य में भी इस दिशा में निरंतर प्रगति जारी रहेगी।