
रतलाम। घरवालों को बिना बताए प्रातः काल 4:30 घर से निकाल कर रेलवे स्टेशन पहुंचे और ट्रेन में बैठ गए कहां जाना नहीं पता। बहुत दिन हो गए घर से बाहर निकले शंकर लाल शर्मा निवासी मलाड मुंबई उम्र 85 वर्ष को बांद्रा गोरखपुर ट्रेन मैं अकेले सफर करते हुए देख सामने बैठे व्यक्ति ने उनसे चर्चा की और बातचीत में मालूम पड़ा कि वह अकेले ही हैं तो उनके परिवार सदस्य का मोबाइल नंबर लेकर संपर्क किया और उन्हें बताया कि वह ट्रेन में हमारे सामने बैठे हैं। इसके पूर्व घर वाले जब सुबह उठाने पर दादाजी नहीं दिखे वह चिंतित होकर पूरे शहर में इधर-उधर जो परिचित घर है उनसे संपर्क कर रहे थे। पुलिस थाने में भी गुमशुदगी की सूचना उन्होंने डाल दी थी परंतु जैसे ही मोबाइल पर संपर्क हुआ आए उन्होंने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ परिवार के सदस्य गोविंद काकानी, रेलवे पुलिस फोर्स, जीआरपी से संपर्क कर उन्हें रतलाम रेलवे स्टेशन पर ही उतारने का अनुरोध किया| समाजसेवी गोविंद काकानी ने तत्काल रेलवे स्टेशन पहुंच कर रेलवे विभाग, जीआरपी एवं रेलवे पुलिस फोर्स से संपर्क कर ट्रेन आते ही शंकर लाल जी को उतरकर जीआरपी थाने ले आए और घर वालों को बता दिया| घर वालों ने उन्हें खरीवाल कॉलोनी जावरा निवासी अरुण शर्मा परिवार को सूचित कर उनके साथ भेजने का अनुरोध किया उस अनुसार उन्हें जावरा भिजवा दिया। काकानी से बातचीत में उन्होंने बताया कि मैं शंकर लाल शर्मा उम्र 85 वर्ष निवासी मलाड पूर्व में भौतिक शास्त्र का शिक्षक था। सेवानिवृत्ति के पश्चात घर पर परिवार वालों के साथ रहता हूं।
पोत्र अभिषेक शर्मा ने मोबाइल पर उनसे कहा कि मैं कार से निकल चुका हूं देर रात्रि जावरा जिला रतलाम आपको लेने आ रहा हूं। अपने प्रिय दादा जी के मंगलवार कुशल मंगल घर पहुंचने पर परिवार वालों ने काकानी सोशल वेलफेयर फाउंडेशन के सचिव गोविंद काकानी ,जीआरपी ,आरपीएफ, रेलवे स्टेशन अधीक्षक एवं रेलवे स्टाफ का हृदय से धन्यवाद दिया।