आटा चक्की संघ के पदाधिकारियों ने जिला कलेक्टर को पत्र लिख चक्की संचालन का समय निर्धारित करने की मांग की

जावरा (अभय सुराणा)। कोरोना संकट के दौर में अपनी जान को जोखिम में डालकर आटा चक्की संचालक शहरवासियों की मदद कर रहे हैं। इसमें नगर के आटा चक्की संचालक भी शामिल हैं।उक्त आशय का पत्र आटा चक्की संघ अध्यक्ष नाहरु मोहम्मद,सचिव महेश अग्रवाल एवम् कोषाध्यक्ष बंसीलाल पोरवाल ने जिला कलेक्टर को लिख बताया कि लॉकडाउन के लम्बे पीरियड में लोगों को खाद्यान्न के साथ आटे की भी जरूरत है। ऐसे में चक्की संचालक आगे आकर मदद को तत्पर है। लॉकडाउन के कारण नो दिन तक चक्कियां बंद रहने से नगर में आटे को लेकर कोहराम मच सकता है। इसलिए आटा चक्की संचालन के लिए समय निश्चित किया जाय।तथा आटा पिसाई को अत्यावश्यक सेवा मान पुलिस परशासन को भी चक्की संकालको को चक्की परिसर तक आने जाने की छूट प्रदान की जाय।यहां यह उल्लेखनीय है कि ज्यादातर घरों में चक्की का आटा ही इस्तेमाल होता है। कम लोग ही बाजार से रेडीमेड आटा खरीदना पसंद करते हैं। कोरोना वायरस के संक्रमण के कारण स्थितियां विपरीत हो गई हैं। अधिकांश जनता राशन की दुकान से अनाज खरीद कर ही आटा पिसाती है।ये कैसी विडंबना है कि राशन की दुकान को छूट ओर आटा चक्की बंद। आटा चक्की संघ पदाधिकारियों ने बताया कि ग्राहकों की संख्या पहले की तुलना में कम हुई है, लेकिन जो भी ग्राहक आटा पिसाने पहुंचता है उसे वह निराश नहीं लौटने दते। चक्की संचालक स्वयं को और चक्की को सेनिटाइज कर गेहूं की पिसाई करते हैं।जब दूध सब्जी आदि अत्यावश्यक सेवाओं को छूट दी गई है तो आटा चक्कियों को भी आटा पिसाई के लिए छूट प्रदान की जाय। आटा चक्की संघ के सदस्य कोरोना प्रोटोकाल का पालन कर चक्की संचालन करने को तत्पर है।

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