गुरु कस्तुर के लिए जावरा के भक्तों ने कस्तुर पावन धाम का निर्माण कराकर गुरु के प्रति अपनी सच्ची श्रद्धां प्रकट की हैं – उपाध्याय श्री गौतम मुनि जी म.सा.

जावरा (निप्र)। जावरा कि इस पावन पुण्यधरा पर चतुर्विध संघ का आगमन संघ समाज के लिए गोरवांतित करने वाला होता है जब किसी भी प्रकल्प की शुरुआत छोटे से स्तर से होती हैं जब सबका सहयोग सबका साथ मिलने पर वह बड़ा स्वरूप हो जाता हैं गुरु कस्तुर के प्रति अगाध श्रद्धा से उपाध्याय श्री गौतम मुनि जी म सा कि एक छोटी सी प्रेरणा से कस्तुर पावन धाम वटवृक्ष के रुप में हम सब के बीच हैं आप सभी को इस मे अपनी आहुति गुरु के प्रति देने का संकल्प लेकर तन मन धन से सहयोग कर गुरु परंपरा का नाम उज्जवल करें। उक्त बात महावीर कांपलेक्स स्टेशन रोड पर प्रवचन के दौरान जैन दिवाकरीय प्रवर्तक श्री विजय मुनी जी म सा ने कहें।
उपाध्याय श्री गौतम मुनि जी म सा ने कहां की जावरा हमारे गुरुदेव रतनचंद जी म सा की गादी का गांव कहलाता है जिस पर उपाध्याय श्री कस्तुरचंद जी म सा, तपस्वी श्री केसरीमल जी म सा, प्रवर्तक श्री हजारीमल जी म सा, महासती साकर कुंवर जी म सा, महासती शांता कुंवर जी म सा, प्रियदर्शना जी म सा, के साथ वर्तमान में डॉ कुमुदलता जी म सा, डाॅ महाप्रज्ञा जी म सा डाॅ संयमलता जी म सा सहित कई साधु साध्वी को जावरा कि माटी ने जिन शासन को समर्पित किया ऐसे हि व महान उपकारी जावरा के गौरव मालवरत्न, ज्योतिषाचार्य, करुणा के सागर श्रमण संघिय उपाध्याय श्री कस्तुरचंद जी म सा का प्रत्येक श्रावक श्राविका पर अनंत उपकार स्वरूप आर्शीवाद है ऐसे गुरु कस्तुर के लिए जावरा के भक्तों ने कस्तुर पावन धाम का निर्माण कराकर गुरु के प्रति अपनी सच्ची श्रद्धां प्रकट की हैं। आगम मर्मज्ञ श्री वैभव मुनि जी म सा ने फरमाया की गुरु के प्रति सच्ची श्रद्धा का संचार जावरा में देखने को मिलता है क्योंकि जावरा में श्री मद् राजेन्द्र सुरिश्वर जी म सा कि क्रियोद्वार भूमि के साथ यह गुरु कस्तुरमुनि जी म सा की जन्मभूमि है उस गुरु कस्तुर की महीमा अपरंपार हैं उस गुरुदेव के प्रति जो भाव जावरा वासीयों के वह गुरुभक्ती का संकुल हैं
महासती डाॅ कुमुदलता जी म सा ने कहा की जन्मभूमि का ऋण कभी नहीं उतरता हैं इसके प्रति जीवन में समर्पित रहना पडता है जिस प्रकार भगवान राम को 14 वर्ष का वनवास हुआ तो वे अपने साथ अयोध्या नगरी से पावन मिट्टी लेकर अपने साथ गयें क्योकि उनकी उस पावन भूमि का उपकार सदा याद रहें।
महासती डाॅ महाप्रज्ञा जी म सा ने सुंदर स्तवन गुरु की महीमा को लेकर प्रस्तुत किया जिसने सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया
डाॅ पदमकिर्ती म सा ने फरमाया की आज के इस युग मै सोशल मीडिया के कारण हमारे जीवन में कई बदलाव आये की हम उसमे इतने तल्लीन हो जाते हैं की हमें किसी भी बात का ध्यान रहता है साथ ही आपने कहां की हमें अपने जीवन में स्वंय बदलाव लाना होगा एवं हमें हर अच्छे कार्य का समर्थन करना चाहिए ।
उक्त जानकारी देते हुए मिडिया प्रभारी गुरु संदीप रांका जावरा, सुभाष टुकडियां, अभय सुराणा ने बताया कि संतवृंद एवं साध्वी वृंद के मंगल प्रवचन एवं प्रवचन का लाभ दिलीपकुमार रवि कुमार चत्तर एवं भंवरलाल संदीप कुमार मेहता द्वारा महावीर कांपलेक्स पर लिया गया गुरुदेव के प्रति समर्पित स्तवन संदीप मेहता ने प्रस्तुत किया स्वागत गीत बुलबुल चत्तर, प्रिया गेलेडा, शितल मेहता अनुप्रिया मेहता द्वारा प्रस्तुत किया गया साथ ही 17 मई को कस्तुर पावन धाम के लोकार्पण होना हैं
साथ 13 मई बुधवार को प्रातः 7:15 से 8:15 नवकारसी का आयोजन रखा गया जिसका लाभ भंवरलाल संदीप कुमार मेहता एवं दिलीपकुमार रवि कुमार चत्तर परिवार द्वारा लिया गया नवकारसी के पश्चात पुज्य गुरुदेव जैन दिवाकर श्री चौथमल जी म सा जावरा के गौरव मालवरत्न उपाध्याय कस्तुरचंद जी म सा के प्रति आगाध आस्था रखने वाले
जैन दिवाकरीय श्रमण संघिय प्रवर्तक श्री विजय मुनि जी म सा, श्रमण संघिय उपाध्याय श्री गौतम मुनि जी म सा, उप प्रवर्तक श्री चंद्रेश मुनि जी म सा आगम मर्मज्ञ श्री वैभव मुनि जी म सा जावरा की गौरव डाॅ कुमुदलता जी म सा, डाॅ महाप्रज्ञा जी म सा, डाॅ पदमकिर्ती जी म सा महासती राजकिर्ती जी म सा आदी ठाणा
13 मई बुधवार को प्रातः 8:15 बजें महावीर कांपलेक्स से मंगलमय विहार कर नगर के प्रमुख मार्गो से होते हुऐ जैन दिवाकर भवन जैन दिवाकर मार्ग पर पंहुचकर धर्मसभा में परिवर्तित होगी। जहाँ पर गुरु भगंवतो एवं साध्वी वृंद के मंगलमय प्रवचन होगें प्रवचन में उपस्थित गुरुभक्तों ने भव्य मंगल प्रवेश पर अधिक से अधिक पधारने की अपील श्री वर्धमान स्थानकवासी जैन श्रावक संघ के पुर्वाध्याक्ष द्वय बसंतीलाल चपडोद, पारसमल बरडिया, पुखराजमल कोच्चटा, सुशील चपडोद, कस्तुर पावन धाम ट्रस्ट अध्यक्ष राकेश मेहता, महामंत्री सुजानमल कोच्चटा, नगर पालिका उपाध्यक्ष सुशिल कोच्चटा, श्रीपाल कोच्चटा, शांतिलाल दुग्गड, समरथमल ओस्तवाल, पारसमल गादिया, अजीत रांका, के साथ दिगंबर श्री संघ के पवन पाटनी, साधुमार्गी संघ से अभय भंडारी, मनीष पोखरना, शांत क्रांत संघ के अध्यक्ष अनिल पोखरना सुजानमल औरा, शांतिलाल डांगी, शेखर नाहर, मनोहरलाल चपडोद, बसंत बोथरा, कमल चपडोद, आकाश जैन, विनोद लुणीया, अनिल चत्तर, राकेश पी कोच्चटा, मनीष पोखरना, संजय भंडारी, अशोक मारू मंदसोर, फतेहलाल जैन, पुखराज भंडारी, दिलीप भंडारी, विशाल चत्तर, ऋषभ मेहता, संजय टुकडियां, आयुष चोरडिया, निलेश टुकडियां, पवन डांगी, राहुल रांका, जतिन कोच्चटा, नितिन कोलन, नितिन रांका, विकास भंडारी, निलेश औरा, विरेंद्र रांका, संजय सुराणा, विकास भंडारी, सचिन खारीवाल, संजय नाहर, आदि उपस्थित थे कार्यक्रम का संचालन पुर्व महामंत्री सुभाष टुकडियां ने किया।