
इंदौर (राजेश जैन दद्दू) । भारत वर्षीय जैन समाज से आह्वान की अपने अपने क्षेत्रों के जिनालयों में भक्तामर पाठ, पूजन-विधान एवं चालीसा पाठ का आह्वान, परम वंदनिय आर्यिका श्री स्वस्ति भूषण माताजी की पावन प्रेरणा और आशीर्वाद।
धर्म समाज प्रचारक राजेश जैन दद्दू ने कहा कि उत्तर के प्रथमाचार्य, प्रशममूर्ति, योगी सम्राट *परम पूज्य आचार्य श्री 108 शांतिसागर जी महामुनिराज “छाणी” का 82वां पावन समाधि दिवस रविवार, 17 मई 2026 को श्रद्धा , भक्ति, उमंग के साथ बड़े ही भाव से मनाया जाएगा।
उत्तर के प्रथमाचार्य प्रशम मूर्ति श्री आचार्य शांतिसागर जी “छाणी” महाराज आचार्य पदारोहण शताब्दी महोत्सव समिति द्वारा समस्त भारतवासियों समाज जन से विनम्र निवेदन है कि वे 17 मई रविवार को अपने नगर के जिनालय में श्री भक्तामर जी का पाठ आयोजित करें तथा आचार्य श्री का पूजन/विधान एवं चालीसा का पाठ कर आचार्य श्री को याद कर श्रद्धा-सुमन अर्पित करें।
पावन प्रेरणा: इस आयोजन को भारत गौरव, तीर्थ संवर्धिका, स्वस्तिधाम प्रणेता, परम विदुषी, लेखिका गणिनी आर्यिका 105 श्री स्वस्ति भूषण माताजी की पावन प्रेरणा प्राप्त है। माताजी ने संदेश दिया कि “परम पूज्य आचार्य श्री के अनंत उपकारों को हम कभी नहीं भूल सकते। उनकी पावन समाधि पर अपनी श्रद्धाभावांजलि अर्पित करते हुए सभी धर्मावलंबी इस आयोजन में सहभागी बनें।” निवेदन उत्तर भारत के प्रथमाचार्य प्रशम मूर्ति श्री आचार्य शांतिसागर जी “छाणी” महाराज आचार्य पदारोहण शताब्दी महोत्सव समिति ने किया।