गुरु रत्न जवाहर हिरा नंदा के अनुशासन में जो स्वयं को ढाल लेता है वह कठोर अनुशासन से जीवन का सार समझ लेता है – उपाध्याय डॉ गौतम मुनि जी म.सा.


जावरा (निप्र) । संत कि प्रेरणा संत के बताये सद्मार्ग पर चलने वाले जीवन में हर नई उचाई पर पहुचते हैं संत के वचन भगवान महावीर की वाणी का फल है भगवान ने जो कहा वह सत्य वचन है हमें हमारे कर्मों का फल ही हैं कि हम सफलता के हर कदम को चूम रहे हैं हम जीवन मै गुरु कस्तुर के सम्मान महान नहीं बन सकते हैं किन्तु उनके बताये मार्ग पर चल कर उनके नाम से बनने वाले गुरु कस्तुर पावन धाम को बनकर तैयार हैं जो आने वाले समय में आने वाली पीढ़ी के लिए इतिहास बनेगा। उक्त बात प्रवचन के दौरान जैन दिवाकर भवन पर प्रवर्तक श्री विजय मुनि जी म सा ने कहें।
धर्मसभा में कस्तुर पावन धाम के प्रेरणा स्त्रोत उपाध्याय डॉ गौतम मुनि जी म सा ने फरमाया की गुरु रत्न जवाहर हिरा नंदा के अनुशासन में जो स्वयं को ढाल लेता है वह कठोर अनुशासन से जीवन का सार समझ लेता है वह गुरु कस्तुर बन जाता है क्योकि गुरु अपनें चेले को ज्ञान ध्यान के साथ जीवन का मर्म सिखाया करते हैं ऐसे ही कठोर अनुशाशन से धर्म की प्रभावना होती हैं क्योंकि गुरु कस्तुर कस्तुरचंद जी म सा का जीवन हमें प्रेरणा देता है की जीवन में हर व्यक्ति हर प्राणी मात्र के प्रति करुणा भाव रखना चाहिए और गुरु कस्तुर ने सबको आर्शीवाद दिया है उन्हीं की यादों को सहेजने के लिए आप सभी ने मिलकर गुरु कस्तुर पावन धाम का निर्माण किया हैं यह गुरु के प्रति सच्ची साधना हैं।
उपप्रवर्तक श्री चंद्रेश मुनि जी म सा ने फरमाया की जावरा श्री संघ का प्रत्येक व्यक्ति जो ठान लेता है उस लक्ष्य को प्राप्त करता ही है कोई भी वस्तु उपयोग के लि दि जाती है ना कि तिजोरी में रखने के लिए दि जाती हैं उसका उपयोग करते रहना चाहिए मनुष्य का जीवन अनमोल है ना कि किसी व्यक्ति की बुराई दोषारोपण निंदा करके मन में कचरा एकत्रित करना मन की तिजोरी में रखने के समान है जीवन बेशकिमती अनमोल है इसे व्यर्थ ना गवायें।
अनुष्ठान आराधिका डाॅ कुमुदलता जी म सा ने फरमाया की जीवन में हमें लगातार कुछ नया करतें रहना चाहिए जिससे हमारे साथ साथ सबका विकास संभव है मानव जीवन एक बार मिलता है इस जीवन का महत्व समझें और जीवम में कुछ नया करते रहना चाहिए हम उस गुरु दिवाकर के है जिन्होंने ने जीवनपर्यन्त त्याग तपस्या के साथ जीवन व्यतीत किया
डाॅ महाप्रज्ञा जी म सा ने फरमाया की जावरा हमारी पाट गादी का है जहाँ की मिट्टी में जन्म लिया तो इसके प्रति हमारा पुर्ण समर्पण हैं जो दिवाकर के इस पट्टे पर बैठता वह बहुत आगें निकल जाता है मेरा भी पहला प्रवचन जावरा के जैन दिवाकर भवन पर हुआ है प्रवचन कितने भी सुन लिए पर कितना परिवर्तन जीवन में आया जिसका चिंतन हमे करना चाहिए आप की दोलत संतों के आर्शीवाद से हैं । उक्त जानकारी देते हुए पुर्व महामंत्री श्री संघ द्वय संदीप रांका, सुभाष टुकडियां, के साथ अभय सुराणा ने बताया कि 15 मई शुक्रवार को प्रातः 8:45 बजें से मंगलमय प्रवचन महावीर स्कुल अरिहंत कालोनी पहाडीया रोड़ पर होगें साथ हि प्रवचन के पश्चात प्रवचन में पधारने वाले सभी धर्मानुरागी श्रावक श्राविका की नवकारसी गुरुभक्त द्वारा रखी गई है साथ ही उपाध्याय डॉ गौतम मुनि जी म सा के आव्हान पर साध्वी मंडल द्वारा अहमदाबाद में उपचारर्थ जैन दिवाकरीय तप चंद्रीका तप चक्रेशवरी आयंबिल आराधीका महासती श्री अरुण प्रभा जी म सा के उत्तम स्वास्थ्य लाभ कामना के लिए नवकार महामंत्र का जाप कर जल्द से जल्द स्वस्थ होने की मंगल कामना की गई।
आज के आत्थिय सेवा का लाभ श्रीमती सुधा देवी अजीत कुमार छाजेड परिवार ने लिया
आज की धर्मसभा मे
श्री वर्धमान स्थानकवासी जैन श्रावक संघ के पुर्वाध्याक्ष द्वय बसंतीलाल चपडोद, पारसमल बरडिया, पुखराजमल कोच्चटा, सुशील चपडोद, कस्तुर पावन धाम ट्रस्ट अध्यक्ष राकेश मेहता, महामंत्री सुजानमल कोच्चटा, श्रीपाल कोच्चटा, शांतिलाल दुग्गड, समरथमल ओस्तवाल, अशोक रांका, मनोहरलाल चपडोद, पारसमल गादिया, अजीत रांका, वर्धमान मांडोत, सुजानमल औरा, शांतिलाल डांगी, मोहनलाल पोखरना, महेन्द्र रांका, समीरमल चत्तर, कमल चपडोद, दिलीप चत्तर, सुभाष चोरडिया, आकाश जैन, विनोद लुणीया, बाबुलाल भटेवरा, सुरेन्द्र मेहता,अशोक भंडारी, सुरेंद्र कोचट्टा, माणक संघवी, अनिल चत्तर, पुखराज भंडारी, दिलीप भंडारी, भंवरलाल मेहता, संजय टुकडियां, ऋषभ मेहता, धनसुख चोरडिया, यश मेहता, आयुष चोरडिया, पवन डांगी, राहुल रांका, पारसमल ओरा नितिन कोलन, मनीष पोखरना, सुभाष चपडोद, राजमल भंडारी, अशोक चत्तर, फतेहलाल मेहता, ज्ञानचंद भंडारी, विमल मेहता, आलोक नाहर, नगीन ओस्तवाल, सुधीर कोच्चटा, राकेश ओस्तवाल, आदि उपस्थित थे कार्यक्रम का संचालन पुर्व महामंत्री सुजानमल कोच्चटा ने किया