

जावरा (अभय सुराणा) । लायंस क्लब जावरा एवं संजीवनी फाउंडेशन द्वारा नगर में 4 देहदान की प्रक्रियाएं सफलतापूर्वक संपन्न कराई गईं। वहीं लायंस क्लब जावरा एवं भारत विकास परिषद, शाखा जावरा के संयुक्त तत्वावधान में लायंस क्लब की नेत्र संग्रहण केंद्र टीम के सहयोग से मानव सेवा का प्रेरणादायी कार्य करते हुए एक ही दिन में 3 नेत्रदान भी संपन्न कराए गए। इस उल्लेखनीय सेवा कार्य को नगर में मानवता, सामाजिक जागरूकता एवं परोपकार की उत्कृष्ट मिसाल के रूप में देखा जा रहा है।
लायंस क्लब जावरा द्वारा इस वर्ष का 13वां, 14वां एवं 15वां नेत्रदान भी इसी अवसर पर संपन्न कराया गया। नेत्रदानी पुण्यात्माओं में लोकतंत्र सेनानी (मीसा बंधु) स्वर्गीय श्री राजमल जी बरेया, स्वर्गीय श्री धुलचंद्र जी मांदलिया एवं नेत्रदानी एवं देहदानी स्वर्गीय श्रीमती सुमनदेवी जी धारीवाल शामिल रहे।
लायंस क्लब जावरा एवं संजीवनी फाउंडेशन की टीम द्वारा देहदान की संपूर्ण प्रक्रिया पूर्ण कर मेडिकल शिक्षा एवं मानव सेवा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान दिया गया। संस्था पदाधिकारियों ने बताया कि नेत्रदान के माध्यम से जरूरतमंद व्यक्तियों को नई रोशनी प्राप्त होगी, वहीं देहदान चिकित्सा शिक्षा एवं शोध कार्यों में अत्यंत उपयोगी सिद्ध होगा।
इस अवसर पर लायंस क्लब एवं संजीवनी फाउंडेशन के अध्यक्ष श्री यश जैन एडवोकेट ने कहा कि —
“मानव जीवन का सबसे बड़ा धर्म सेवा है। नेत्रदान एवं देहदान केवल दान नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का संदेश है। किसी व्यक्ति के निधन के बाद भी उसके द्वारा किया गया नेत्रदान किसी जरूरतमंद के जीवन में उजाला ला सकता है तथा देहदान चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान के माध्यम से अनेक लोगों के जीवन को बचाने में सहायक बनता है। समाज में इस प्रकार की जागरूकता बढ़ना अत्यंत आवश्यक है। आज जिन परिवारों ने इस कठिन समय में मानवता का सर्वोच्च उदाहरण प्रस्तुत किया है, वे वास्तव में सम्मान एवं अभिनंदन के पात्र हैं। लायंस क्लब जावरा एवं संजीवनी फाउंडेशन भविष्य में भी इसी प्रकार सेवा, सहयोग एवं जनजागरण के कार्य निरंतर करते रहेंगे।”
इस अवसर पर देहदानी स्वर्गीय श्रीमती सुमनदेवी जी धारीवाल एवं लोकतंत्र सेनानी नेत्रदानी स्वर्गीय श्री राजमल जी बरेया को गॉड ऑफ ऑनर के साथ राजकीय सम्मान प्रदान किया गया। अंतिम यात्रा एवं सम्मान समारोह में बड़ी संख्या में समाजजन, परिजन, संस्था पदाधिकारी एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
श्री शेखर नाहर ने कहा कि नेत्रदान मानवता के लिए सर्वोच्च दान है तथा समाज को ऐसे प्रेरणादायी कार्यों से आगे आकर जुड़ना चाहिए।
देहदान की प्रक्रिया में पार्थिव शरीर को रतलाम मेडिकल कॉलेज पहुंचाने हेतु रेडक्रॉस की एम्बुलेंस उपलब्ध करवाने में रेडक्रॉस के श्री विरेंद्र सिसोदिया का विशेष सहयोग रहा।
सभी स्थानों पर नेत्रदान एवं देहदान की प्रक्रिया को सफल बनाने में संजीवनी फाउंडेशन के श्री वैभव रांका एवं लायंस क्लब जावरा की नेत्रदान-देहदान समिति के चेयरमैन लायन मनीष कोचर का विशेष योगदान रहा।
संस्था परिवार की ओर से उन तीनों परिवारों के प्रति विशेष साधुवाद व्यक्त किया गया, जिन्होंने इस पुण्य कार्य के लिए सहमति प्रदान कर समाज में जागरूकता एवं मानव सेवा का प्रेरणादायी संदेश दिया।
इस सेवा कार्य में लायंस क्लब जावरा, भारत विकास परिषद, संजीवनी फाउंडेशन, नेत्र संग्रहण केंद्र टीम एवं विभिन्न सामाजिक कार्यकर्ताओं का सराहनीय सहयोग रहा। इस दौरान डॉ. दिलीप शाकल्य, पिंकेश मेहरा, विजय पामेचा, अनिल काला, गोपाल सेठिया, सचिन लुहाड़िया, डॉ. अजयसिंह राठौर, सुधीर जैन, अनिल धारीवाल, डॉ. हेमंत तोलानी, अजीत चतर, प्रकाश कोठारी, इंदरमल टुकड़िया सहित कई मीसा बंधु एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
“नेत्रदान एवं देहदान — मानवता के लिए सर्वोच्च सम्मान”