करुणा के कल्प वृक्ष स्वरूप हुए है मालव रत्न, उपाध्याय, ज्योतिष्याचार्य श्री कस्तुर चंद जी म.सा

  • जन्म जयन्ती पर विशेष
  • प्रस्तुति : विजय कुमार लोढ़ा निम्बाहेड़ा (बेंगलुरु)

आप श्री का जन्म मालवा भूमि के जावरा शहर में विक्रम संवत 1948 की जेष्ठ कृष्णा त्रयोदशी को धर्मशीला माता फूली की कुक्षी से हुआ पिताश्री थे श्री रतिचन्द जी चपलोत ! आपकी दीक्षा संवत 1962 की कार्तिक शुक्ला त्रयोदशी को रामपुरा में गुरुदेव , परम धेर्यवान , आचार्य श्री खूब चंद जी म.सा के पावन सानिध्य में हुई ! आपके एक भ्राता जिनका नाम केसरी मल जी था वो भी आचार्य श्री खुब चंद जी महाराज के पास दिक्षित हुए! आप सलाहकार की पदवी से विभूषित हुए! मुनि श्री कस्तुर चंद जी म.सा के ज्ञान दाता रहे दादा गुरुदेव वादीमान मर्दक श्री नंद लाल जी म.सा एवम अखण्ड यशधारी आचार्य पूज्य श्री मन्ना लाल जी म.सा।
सेंकड़ो श्रमण श्रमणीयो की सेवा का लाभ आपने लिया एवम हजारो श्रमण श्रमणियो , श्रावक श्राविकाओं को आपने ज्ञान दान दिया! हजारो अभाव ग्रस्त भाइ – बहनों के दुख दर्द को सुना, गुरु भक्तो से उन्हे तृप्त भी किया है! इस दृष्टी से आप श्री इस शताब्दी के करुणा के कल्प वृक्ष रहे है।
अगणित गुण पुष्पो से सुवासित परम आदरणीय जीवन जीने वाले महापुरुष की, विनयशीलता , आगम अध्ययन- रसिकता, अनुशासन तथा सेवानिष्ठा, आचार – विचार, मधुर व्यहवार, से आपके दादा गुरुदेव पूज्य श्री नंद लाल जी म.सा, पूज्य गुरुदेव श्री खूब चंद जी म.सा, जैन दिवाकर पूज्य गुरुदेव श्री चौथमल जी म.सा, उपाध्याय श्री प्यार चंद जी म.सा. आदि सन्त सती प्रसन्न ही नही बहुत प्रभावित थे।
आपकी प्रतिभा ज्ञान- संयम- तप गरिमा बढती ही रही । संवत 2002 में आपको गणीपद, पर प्रतिष्ठित किया , फिर संवत 2016 में सम्प्रदाय के प्रवर्तक बने और संवत 2033 में आचार्य सम्राट श्री आनंदरीषी जी म.सा ने आपको श्रमण संघ का उपाध्याय पद प्रदान किया। आपका मष्तिषक ज्ञान का भंडार तो हृदय करुणा का सागर , आपने अनगिनत अभावग्रस्त साधार्मिक बन्धुओ का दुख दर्द मिटाया ! आप ज्योतिष शास्त्र में प्रकाण्ड विद्वान थे। आप की स्मरण शक्ति इतनी तेज थी कि पचास साल पहले विचरण किये क्षेत्रो के श्रावको की पूरी जानकारी थी।
लगभग 94 वर्ष की उम्र पूर्ण कर 80 वर्ष की दीक्षा पूर्ण कर संवत 2042 की आसोज शुक्ला नवमी दिनांक 22 अक्टुम्बर 85 को उनका देवलोक गमन रतलाम शहर में नीमचोक स्थानक में हुआ! ऐसे महान ज्योतिर्धर, उपाध्याय, पूज्य गुरुदेव श्री कस्तुर चंद जी म.सा के जन्म जयन्ती दिवस पर हृदय की अनन्त आस्था के साथ वंदन, आपकी कृपा सदा बनी रहे।
विजय कुमार लोढा निम्बाहेड़ा ( बेंगलूरू)
न्यासी अ. भा.श्री जैन दिवाकर संगठन समिती रजि. चतुर्थ जैन वृद्धाश्रम दुर्ग चितौड़गढ़( राज.)

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Play sound