भागवत ज्ञान उत्सव के महायज्ञ की आहुति में भक्ति का होना अत्यंत आवश्यक है – वेद विदुषीका डॉ. नीना शर्मा

रतलाम।  जीवन का दूसरा नाम उत्साह उत्सव और उमंग है व्यक्ति में उत्साह उत्सव को आयोजित करता है और उत्सव की महिमा उमंग से प्रतिष्ठित होती है और इन तीनों का रिश्ता भक्ति से होता है आस्था से होता है और यह बिना प्रभु कृपा के बिना कदापि संभव नहीं है।  कहने का तात्पर्य है यह है कि भगवान श्री कृष्ण की कृपा के बिना भागवत कथा आयोजित करना किसी भी रूप में संभव नहीं है।  ठाकुर जी के आदेश से ही उनकी अनुकंपा से ही भागवत ज्ञान उत्सव आयोजित होता है।  इस महायज्ञ की आहुति में भक्ति का होना अत्यंत आवश्यक है उत्साह का होना अति आवश्यक है । तभी यह महायज्ञ सफल और सार्थक बन पाता है ठाकुर जी की कृपा वही पाता है जो उनका होकर रहता है।
उक्त पावन उद्गार राजस्व कॉलोनी स्थित लायंस हाल मे सोनी परिवार द्वारा आयोजित श्रीमद् भागवत ज्ञान सप्ताह के प्रथम दिवस पर नाथद्वारा राजस्थान से पधारी प्रसिद्ध भागवत आचार्या वेद विदुषीका डॉ. नीना शर्मा ने उपस्थित धर्मालुओं को संबोधित करते हुए व्यक्त किए आपने कहा कि हमारी संस्कृति वेदों की संस्कृति है रामायण महाभारत श्रीमद् भागवत गीता जैसे महाकाव्य महा ग्रंथ हमारी धरोहर है जो हमें जीवन जीने की शिक्षा देती है, जीवन संवारने का सूत्र बताती है, महाभारत संघर्ष का रास्ता दिखाती है तो रामायण मर्यादा और संयमित जीवन जीने की शिक्षा देती है।  यह दोनों महाग्रंथ सनातन सभ्यता का दर्पण है जो प्रत्येक सनातनी के घर पर होना आवश्यक है।  इन मान्यताओं को कभी भी स्वीकार न करें कि महाभारत हमारे घर में नहीं होना चाहिए वह तो में शिक्षा देती है।  सत्य के लिए लड़ने के लिए अन्याय के विरुद्ध संघर्ष करने के लिए जीवन में प्रत्येक व्यक्ति को भागवत कथा का श्रवण अवश्य करना चाहिए और यदि पुरुषोत्तम मास में इसका लाभ मिलता है तो और भी अच्छी बात है यह संपूर्ण माह प्रभु भक्ति का माह है,  ईश्वर से साक्षात जुड़ने का उत्सव है ईश्वर के प्रति भक्ति भावना प्रबल होना चाहिए।  भौतिक संसाधन के सुख प्रभु के सामने कुछ भी नहीं है।  आपने सोनी  परिवार द्वारा आयोजित किये जा रहे इस भागवत कथा महायज्ञ के लिए उन्हें साधुवाद दिया।
आरंभ में भागवत पोथी का निवास स्थान से भव्य कलश यात्रा के साथ चल समारोह निकाला गया।  तत्पश्चात कथा स्थल पर पोथी का स्वागत किया गया।  परिवार की ओर से श्रीमती सरोज सोनी, श्रीमती तेज कुमार सोनी, नरेंद्र सोनी, मंजू सोनी, स्नेहलता सोनी, संतोष सोनी, विकास सोनी, विजय सोनी आदि ने कथा मर्मज्ञ डॉ. नीना शर्मा का स्वागत किया।  चल समारोह में दिनेश शर्मा, शेखर गुप्ता, हरेंद्र सिंह राठौड़,श्रीमती सुदर्शन गुप्ता, कुंतल शर्मा , प्रियंका पाठक,निर्मला यादव आदि उपस्थित थे।  कार्यक्रम का संचालन दिनेश शर्मा ने एवं आभार नरेंद्र सोनी ने व्यक्त किया।

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