श्रीमद्भागवत कथा का तृतीय दिवस भक्तिरस से सराबोर

रतलाम। परम पूज्य महाराज श्री संजय जी मांगीलाल जी गामोठ जी के पावन सानिध्य में स्थानीय अग्रवाल धर्मशाला, रतलाम में प्रमीला–परसराम अग्रवाल एवं खारीवाला परिवार द्वारा आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के तृतीय दिवस भक्तिमय वातावरण में श्रद्धालुओं ने धर्मलाभ प्राप्त किया।
प्रतिदिन दोपहर 12:00 बजे से सायं 5:00 बजे तक कथा पंडाल में भक्तों के मध्य अखण्ड भाव से “ॐ नमो भगवते वासुदेवाय” महामंत्र का जाप एवं भक्ति रस की अनुपम धारा प्रवाहित हो रही है। दिव्य मंत्रोच्चार से सम्पूर्ण वातावरण आध्यात्मिक ऊर्जा एवं श्रद्धा से आलोकित हो रहा है।
आज के पावन प्रसंग “देव-असुर संग्राम” में परम पूज्य गुरुदेव ने ब्रह्माण्ड का दिव्य वर्णन करते हुए कहा कि भगवान सूर्य नारायण अपनी रश्मियों द्वारा सम्पूर्ण त्रिलोक को प्रकाश एवं ऊर्जा प्रदान करते हैं तथा उत्तरायण-दक्षिणायन एवं विविध गतियों से प्रकृति का संचालन करते हैं।
गुरुदेव ने पृथ्वी, द्वीप, वर्ष, नदी, पर्वत, आकाश, पाताल एवं नक्षत्र मंडलों की स्थिति का वर्णन करते हुए बताया कि सम्पूर्ण सृष्टि भगवान का विराट स्वरूप है। जो मनुष्य श्रद्धा एवं भगवत बुद्धि से इस विराट रूप में ईश्वर का दर्शन करता है, वह भगवान के सूक्ष्म स्वरूप को भी सहजता से समझ लेता है।
उन्होंने कहा कि मनुष्य शरीर, मन एवं वाणी से किए गए पापों से बच नहीं सकता, किन्तु हरिनाम संकीर्तन ही ऐसा साधन है जिससे समस्त पापों से मुक्ति संभव है। आज की कथा में खारीवाला परिवार के साथ श्री पंचान अग्रवाल समाज महिला मंडल की सदस्यों द्वारा पोथी पूजन किया गया। इस अवसर पर समाज प्रमुख श्री शांतीलाल चौधरी, महेश गोयल, किरण झंड़ीवाला, आशा एवं अनीता मित्तल, निकिता चौधरी, राधेश्याम जी, संजय अग्रवाल, दिलीप अग्रवाल, मंजू सुरेका, इंदु नेमानी, अंजु मित्तल, कमला नास्कावाला सहित अनेक श्रद्धालु उपस्थित रहे।

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