भक्ति और श्रद्धा के साथ “नानी बाई का मायरा” कथा का हुआ भव्य समापन

​रतलाम। अधिकमास के पावन अवसर पर स्थानीय टाटानगर स्थित बुदेश्वर सत्संग हॉल में श्री बुद्धदेव भक्त मंडल द्वारा आयोजित पाँच दिवसीय भव्य एवं संगीतमय “नानी बाई का मायरा” कथा का बुधवार को भावपूर्ण समापन हुआ। 6 जून से शुरू हुई इस कथा में प्रतिदिन दोपहर 3 बजे से शाम 6 बजे तक शहर के बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिकों और श्रद्धालुओं ने कथा श्रवण का पुण्य लाभ कमाया।
कथा के अंतिम दिन सुप्रसिद्ध कथावाचक पंडित श्री अनिरुद्ध जी मुरारी ने अपने मुखारविंद से भगवान के परम भक्त नरसिंह (नरसी) मेहता के जीवन और उनकी अनन्य भक्ति का अद्भुत प्रसंग सुनाया। पंडित जी ने जब भगवान कृष्ण द्वारा स्वयं आकर नरसी जी की लाज रखने और नानी बाई का मायरा (भात) भरने का मार्मिक प्रसंग सुनाया, तो पंडाल में उपस्थित सभी श्रद्धालुओं की आँखें सजल हो गईं। कथा के माध्यम से उन्होंने संदेश दिया कि यदि भक्ति में सच्ची शक्ति और निष्ठा हो, तो भगवान को भी अपने भक्त के लिए आना ही पड़ता है।

​नगर में निकली भव्य शोभायात्रा
कथा की पूर्णाहुति के बाद भगवान कृष्ण द्वारा भरे गए मायरे के उपलक्ष्य में एक भव्य शोभायात्रा निकाली गई। यह शोभायात्रा टाटानगर से प्रारंभ होकर बूढ़ेश्वर रोड, शांति निकेतन और बाजना बस स्टैंड होते हुए पुनः कथा स्थल पर पहुंचकर संपन्न हुई। शोभायात्रा में श्रद्धालु भजनों पर झूमते-गाते और भगवान के जयकारे लगाते चल रहे थे, जिससे पूरा क्षेत्र धर्ममय हो उठा।
​आयोजन के समापन पर श्रद्धालुओं के लिए ‘गौतम प्रसादी’ (महाप्रसादी) का विशेष आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में भक्तों ने प्रसादी ग्रहण की। कार्यक्रम के सफल आयोजन पर श्री बुद्धदेव भक्त मंडल ने कथा में प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रूप से सहयोग करने वाले सभी धर्मप्रेमी जनता, कार्यकर्ताओं और नगरवासियों का सहृदय आभार व्यक्त किया। उक्त जानकारी नीलेश बाफना ने दी।

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