धर्म और संस्कृति के लिए रतलाम का समर्पण देश में रोल मॉडल – स्वामी चिदम्बरानन्द सरस्वतीजी

श्रीमद् भागवत ज्ञान यज्ञ महोत्सव की पूर्णाहुति पर हजारों ने ली प्रसादी

रतलाम 10 जून 26 । धर्मशास्त्रों को शास्त्रीय परंपरा के अनुरूप समझने की और समझाने की आवश्यकता है। कतिपय लोगों ने निरर्थक भ्रम फैला करके हिंदू समाज को संप्रदायों में भी बांटने का पाप किया है। पुरुषोत्तम मास में इस कथा पांडाल से यह सामूहिक संकल्प करें कि हम जागरूक बनकर देश, धर्म और संस्कृति के संरक्षण और संवर्धन के लिए तत्पर रहेंगे । व्यासपीठ, महात्मा और कथाएं हिन्दू समाज को संगठित कर आपसी समन्वय के साथ धर्म की रक्षा के लिए प्रेरित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कार्य कर रही है । इसी दिशा में देश में रतलाम लगातार “रोल मॉडल” बनकर आदर्श स्थापित कर रहा है ।
यह शुभेच्छाएं महामण्डलेश्वर स्वामी चिदम्बरानन्द सरस्वतीजी महाराज ने दयाल वाटिका सैलाना रोड परश्रीमद् भागवत ज्ञान यज्ञ महोत्सव के विश्राम दिवस पर व्यक्त की । श्री हरिहर सेवा समिति मोहनलाल भट्ट परिवार एवं श्री कालिका माता सेवा मंडल ट्र्स्ट द्वारा आयोजित कथा के विश्राम पर आयोजक श्री मोहनलाल भट्ट, श्रीमती श्यामा भट्ट, सुनील भट्ट, महेंद्र भट्ट परिवार ने पोथीजी की यात्रा निकालकर विधिवत रूप से यज्ञ आदि का विधान स्वामीजी की उपस्थिति में पूर्ण किया । ज्ञान यज्ञ महोत्सव की पूर्णाहुति पर हजारों ने प्रसादी ग्रहण की ।

इतिहास और विरासत के प्रति गौरव का भाव
स्वामीजी ने कहा कि आज समाज में इस बात की सबसे अधिक आवश्यकता है कि हम आने वाली पीढ़ी को अपने धर्म और संस्कृति से जोड़े । ये संस्कार एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी में अनुवांशिक रूप से ट्रांसफर होना ही चाहिए । इस परम्परा को संस्कार के र्रूप में आगामी पीढ़ी को दिया जाना चाहिए । जब एक पीढ़ी अपने श्रेष्ठ मूल्यों, परंपराओं, नैतिक आदर्शों और जीवन-दर्शन को अगली पीढ़ी तक पहुँचाती है, तो परिवार और समाज में एकता, अनुशासन, कर्तव्यबोध तथा आपसी सम्मान की भावना मजबूत होती है। इससे बच्चों में अपनी संस्कृत , इतिहास और विरासत के प्रति गौरव का भाव विकसित होता है। सांस्कृतिक संस्कार उन्हें भौतिक प्रगति के साथ-साथ नैतिक और आध्यात्मिक रूप से भी समृद्ध बनाते हैं।

स्वामीजी को भावपूर्ण विदाई
कथा विश्राम के पश्चात रात्रि में आयोजन समिति सहित बड़ी संख्या में उपस्थित भक्तजनों ने पूज्य स्वामीजी को मुंबई प्रस्थान के पूर्व भावपूर्ण विदाई दी । उन्होंने कहा कि अधिक मास में वर्ष 2012 से आरम्भ हुआ कथा महोत्सव का सुखद क्रम आगामी 2019 के भाद्रपद अधिक मास में जारी रहेगा । इस वर्ष 6 वें अधिक मास में यह ज्ञान यज्ञ महोत्सव अविस्मर्णीय बन गया, जिसके लिए भट्ट परिवार सहित सभी सहयोगियों को खूब खूब आशीर्वाद है ।

जन्मोत्सव पर शुभकामनायें –
भट्ट राव समाज प्रतिनिधिमंडल ने आयोजक श्री मोहनलाल भट्ट का सफल आयोजन के लिए अभिन्दन किया । यंहा सर्व ब्राहमण समाज अध्यक्ष नरेंद्र जोशी, श्रीमाली ब्राहमण समाज अध्यक्ष नयन व्यास सहित समाजजन, राजपूत समाज , राठोड समाज तुलसी परिवार, समन्वय परिवार, प्रभु प्रेमी संघ,कालिका माता सेवा मंडल ट्र्स्ट, उमेश झालानी, सतीश झंवर, हरिप्रसाद पालीवाल,डॉ. दिनेश राव, सुभाष सोनी, विजय गुप्ता, सुरेश गुप्ता, गोपाल खरे, डॉ. प्रकाश जैन,रमेश दलाल, जगदीश चौधरी, उपसरपंच कन्हैयालाल जाट, सरिता सुरोलिया आदि ने आदि ने स्वागत किया । व्यासपीठ के सभी सहयोगियों का आरडीए अध्यक्ष मनोहर पोरवाल ने सम्मान किया । आयोजक परिवार के सुनील भट्ट के जन्मोत्सव के अवसर पर विभिन्न संस्थाओं ने स्वागत अभिनन्दन कर सुदीर्ष यशस्वी जीवन की मंगल कामनाएँ की । संचालन ने कैलाश व्यास एवं आभार महेंद्र भट्ट ने माना ।

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