मेरी स्व. सुरेंद्र पोरवाल से 17 वर्ष की आयु से मित्रता रही एवं मेरे स्वयं के उद्योग में भी उनका तकनीकी सहयोग एवं मार्गदर्शन रहा – केबिनेट मंत्री चेतन्य काश्यप



रतलाम । रतलाम शहर के जाने-माने वरिष्ठ उद्योगपति एवं उद्योग सेवा के पर्याय सुरेंद्र पोरवाल को श्रद्धासुमन अर्पित करने जनसैलाब उमड़ पड़ा । शहर की कई गणमान्य हस्तियां उपस्थित रही एवं उन्होंने अपने भाव व्यक्त कर श्रद्धासुमन अर्पित किए l
कैबिनेट मंत्री चेतन्य काश्यप ने कहा कि मेरी सुरेंद्र पोरवाल से 17 वर्ष की आयु से मित्रता रही एवं मेरे स्वयं के उद्योग में भी उनका तकनीकी सहयोग एवं मार्गदर्शन मिला , रतलाम में ऐसा कोई भी उद्योग अछूता नहीं है जिसको सुरेंद्र पोरवाल का मार्गदर्शन न मिला हो, वे उद्योग सेवा के पर्याय रहे एवं मैं स्वयं साक्षी हूं कि उनके द्वारा प्रतिदिन शाम 5 से 7 तक वर्षों से उद्यमियों को मार्गदर्शन प्रदान करना उनके सेवाभावी व्यक्तित्व एवं उद्योग स्थापित करने के प्रति उनकी लगन एवं। समर्पण को दर्शाता है । ऐसी सेवाभावी हस्ती का चले जाना सिर्फ व्यक्तिगत ही नहीं परंतु पूरे शहर एवं उद्योग जगत की क्षति है । वर्तमान में इंटरनेट के युग में तकनिकी जानकारी आसानी से उपलब्ध हो जाती है परंतु जिस समय ये सब साधन नहीं थे तब वे विभिन्न किताबों को एकत्र कर अपने ज्ञान के माध्यम से उद्योगपतियों को सहयोग किया करते थे । उनके कार्य युगो तक स्मरणीय रहेंगे । उनके द्वारा दिए गए उद्योग सेवा के संस्कार आज परिवार की अगली पीढ़ी में भी देखने को मिलते हैं ।
शहर के प्रथम नागरिक महापौर प्रहलाद पटेल ने श्रद्धासुमन अर्पित करते हुए कहा कि सुरेंद्र पोरवाल जैसे व्यक्ति का चले जाना समाज के लिए बहुत बड़ी हानि है एवं ऐसे युग पुरुष सदियों में जन्म लेते है । रतलाम के उद्योगपतियों ने एक औद्योगिक विकास का स्तंभ एवं सामाजिक चिंतक खो दिया है । सुरेंद्र पोरवाल एक व्यक्तित्व ही नहीं वरन उद्योग तकनीक संबंधित ज्ञान के विश्वविद्यालय थे । उन्होंने परिवार के सदस्यों को भी ढांढस बंधाया ।
मालवा चेंबर ऑफ़ कॉमर्स एंड इंडस्टरीज मध्यप्रदेश के प्रदेश अध्यक्ष अजीतसिंह नारंग ने सुरेंद्र पोरवाल के निधन पर संवेदना व्यक्त करते हुए उनका जाना सिर्फ रतलाम ही नहीं वरन पूरे प्रदेश की हानि बताया । उन्होंने अपने व्यक्तव्य में यह भी कहा कि सुरेंद्र पोरवाल का मार्गदर्शन मालवा चेंबर ऑफ कॉमर्स संस्था को सदैव स्मरणीय रहेगा एवं उनके ही संस्कारों एवं अनुसरण करते हुए पोरवाल परिवार के विरेंद्र पोरवाल, वरुण पोरवाल एवं सदस्य उद्योग सेवा हेतु सदैव तत्पर रहते है ।
इसके साथ ही शहर की कई प्रमुख औद्योगिक एवं व्यापारिक संस्थाएं जैसे संभागीय उद्योग संघ , अंतराष्ट्रीय वैश्य फेडरेशन, इंजीनियरिंग एसोसिएशन रतलाम, रोटरी क्लब रतलाम, दी ग्रेन एंड सीड्स मर्चेंट एसोसिएशन, सराफा एसोसिएशन , लायंस क्लब रतलाम, श्री श्रेयांसनाथ जैन सधर्मिक भक्ति मण्डल, जीव दया समिति, सेवा भारती समिति , बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी एल्यूमिनिस एवं प्रदेश, देश एवं विदेशों से व्यक्तिगत श्रद्धांजलि संदेश प्राप्त हुए l स्व. सुरेंद्र पोरवाल अपने पीछे हरा भरा परिवार जिसमें अनुज विरेंद्र पोरवाल, पुत्र आदित्य एवं अंकित, भतीजे वरुण एवं सिद्धार्थ तथा ईमानदारी ,समर्पण एवं उद्योग सेवा की विशाल विरासत छोड़ गए है l
स्व. सुरेंद्रजी के प्रेरणादायक कथन जो हमे को अनुसरण करना चाहिए
उद्योग स्थापित करने का मूल उद्देश्य पैसा ही कमाना नहीं परंतु लोगों को रोजगार प्रदान करना एवं अपने उत्पादों एवं सेवाओं से लोगों के जीवन में बदलाव लाना है ।
किसी का जीवन सुधारना हो तो उसे पैसे का दान करें, परंतु किसी की पीढ़ियां सुधारनी है तो उसको रोजगार उद्योग स्थापित करवाये ।
मनुष्य जन्म रोने के लिए नहीं हुआ है l भगवान ने जन्म प्रसन्न रहने के लिए दिया है।
जीवन में संघर्ष ,तकलीफे आती जाती रहेगी परंतु प्रसन्न रहना सबसे महत्वपूर्ण है ।
फायदे नुकसान की बात व्यापारी करते हैं मित्र नहीं ,
मैं एक बार किसी से मित्रता करता हूं तो फिर फायदा नुकसान नहीं देखता