खेरालू गुजराती जैन स्थानक । असंयमित जीवन इससे बड़ा कोई खतरनाक शत्रु हमारा कोई नहीं हो सकता और वह बिना ब्रेक की गाड़ी के समान है उक्त विचार राष्ट्र संत कमलमुनि कमलेश ने खेरालू जैन गुजराती स्थानकवासी भवन में अपने 42 वे दीक्षा दिवस की पूर्व संध्या पर पत्रकार सम्मेलन को संबोधित करते कहा कि संयम ही कर्मों को आत्मा से और शरीर को बीमारियों को रोकने के लिए सुरक्षा कवच के समान है।
उन्होंने कहा कि विश्व के सभी धर्मों ने रोजा हो या उपवास अथवा नवरात्रि सभी का लक्ष्य मर्यादित जीवन जीने के लिए संयम अमृत के समान है।
मुनि कमलेश ने बताया कि असंयम अपने आप में साक्षात मृत्यु के समान हैं अशांति तनाव और टकराव का मूल कारण है । राष्ट्रसंत ने स्पष्ट कहा कि संयम के बिना अहिंसा का पालन भी असंभव है संयम अपने आप में अहिंसा है विश्व शांति का मूल मंत्र है ।
जैन संत ने बताया कि आचार विचार व्यवहार में संयमित जीवन जीने वाला ही लोकप्रिय बनता है जीवन का सार ही संयम है पत्रकार सम्मेलन का आयोजन हुआ जिसमें इलेक्ट्रॉनिक और प्रिंट मीडिया के पत्रकारों ने भारी संख्या में भाग लिया प्रशासन के आला अधिकारी मौजूद थे देश के लोकप्रिय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी की जन्मभूमि वडऩगर (गुज.) में कल मुनि कमलेश का 42 वां दीक्षा दिन उनके बड़े भ्राता श्री सोम भाई मोदी की अध्यक्षता में मनाया जाएगा ।