


जयपुर । श्री दिगंबर जैन मंदिर महारानी फार्म, गायत्री नगर जयपुर मंदिर प्रबंध समिति के तत्वावधान में 17 जून वुधवार सांय 6.30 बजे मीरा मार्ग, मानसरोवर जैन मंदिर से विहार कर बैण्ड बाजों के साथ परम पूज्य गणाचार्य श्री विराग सागर जी महामुनिराज एवं चर्या शिरोमणि आचार्य श्री विशुध्द सागर जी महाराज की आज्ञानुवर्ती विदुषी शिष्या परम पूज्य गणिनी आर्यिका श्री विभाश्री माताजी ससंघ का गायत्री नगर जैन मन्दिर जी में सांय 7 बजे भव्य मंगल प्रवेश हुआ। मंदिर प्रबंध समिति के अध्यक्ष अरण शाह ने अवगत कराया कि आर्यिका श्री का विहार के समय मार्ग में श्रावकों के आवास के सामने आरती व पाद् प्रक्षालन किया।
आचार्य श्री के मंदिर जी में पहुंचने पर मंदिर प्रबंध समिति के अध्यक्ष अरुण शाह के नेर्तत्व में मंत्री राजेश वोहरा,संयुक्त मंत्री संजय ठोलिया, कोषाध्यक्ष राकेश छावड़ा, उपाध्यक्ष विजय सोगानी, संतोष गंगवाल,राकेश पाटोदी, पदम झांझरी, बसंत बाकलीवाल, सन्तोष रावका आदि पदाधिकारियों ने आरती की, महिला मंडल व मुनि वैय्यावृति महिला समूह के पदाधिकारी व सदस्यों ने मंगल कलश लेकर भव्य अगुवाई की तत्पश्चात सभी ने पाद् प्रक्षालन किया।
इस अवसर पर आर्यिका श्री ने अपने मंगल उद्बोधन में कहा कि सन्त हमारे यहां आते रहते हैं तो समाज में जैन संस्कृति मुस्कराती रहती है। पूज्य माताजी ने कहा कि सन्त सातिशय पुण्य से आते हैं, सन्तो का समागम भविष्य के लिए अनन्त सातिशय पुण्य दैकर जाता है इसलिए भव्य आत्माओ अपना सोभाग्य मानना चाहिए। जब जब अवसर मिले तब प्रतिदिन आराधना कर अपने आपको मंगलमय बनाना चाहिए। इस अवसर पर परम पूज्य श्रमणी आर्यिका विनय श्री माताजी ने प्रशनोत्तरी करवायी।
युवा परिषद् के राष्ट्रीय महामंत्री उदयभान जैन के अनुसार पूज्य आर्यिका संघ में 11 विदुषी आर्यिकायें हैं। आर्यिका संघ के सानिध्य में श्रुत पंचमी महोत्सव के अवसर श्रुत स्कन्ध विधान मन्दिर जी के बेसमेंट में 19 जून को प्रातः 8 बजे से किया जायेगा, सांय 7.30 बजे से आनन्द यात्रा तत्पश्चात बच्चों द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम संयोजिका संगीता छाबडा व मनीषा टोंग्या के निर्देशन में होगा।