शिव शक्ति वासुकी धाम में भव्य शिखर कलश प्रतिष्ठा महोत्सव

लोकमंगल, आध्यात्मिक जागरण एवं दिव्य ऊर्जा के महायज्ञ में सहभागी बनने का अवसर

रतलाम। जब श्रद्धा आस्था से मिलती है और भक्ति लोककल्याण का स्वरूप धारण करती है, तब ऐसे दिव्य आयोजन समाज में सकारात्मक परिवर्तन एवं आध्यात्मिक चेतना का संचार करते हैं। इसी पावन भावना के साथ 24 जून 2026, बुधवार (जेठ सुदी दशमी) को स्नेह नगर (80 फीट रोड) राजदा फर्नीचर के पीछे स्थित शिव शक्ति वासुकी धाम में वासुकीनाथ बाबा मंदिर पर भव्य शिखर कलश प्रतिष्ठा महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। यह आयोजन केवल मंदिर के शिखर पर कलश स्थापना का समारोह नहीं, बल्कि सनातन संस्कृति, लोकमंगल और आध्यात्मिक उन्नयन का दिव्य उत्सव है।
सनातन परंपरा में मंदिर का शिखर धर्म, शक्ति और चेतना का प्रतीक माना जाता है तथा उस पर स्थापित कलश समृद्धि, मंगल एवं ईश्वरीय कृपा का द्योतक होता है। मान्यता है कि शिखर कलश प्रतिष्ठा से क्षेत्र में सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह बढ़ता है, वातावरण में आध्यात्मिक स्पंदन जागृत होते हैं तथा जनमानस में सुख, शांति और सद्भाव का विस्तार होता है।
कार्यक्रम के अंतर्गत प्रातः 11 बजे वासुकीनाथ बाबा का दिव्य अभिषेक, दोपहर 1 बजे वैदिक मंत्रोच्चार के मध्य हवन, 3 बजे पूर्णाहुति, 4 बजे शिखर कलश प्रतिष्ठा तथा सायं 5 बजे महाआरती के पश्चात प्रसादी का आयोजन होगा।रात्रि 8 बजे से भजन संध्या होगी संपूर्ण अनुष्ठान विद्वान आचार्य पंडित प्रवीण शर्मा के सान्निध्य में वैदिक विधि-विधान अनुसार संपन्न कराया जाएगा।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार भगवान शिव एवं वासुकीनाथ बाबा के चरणों में अर्पित श्रद्धा का प्रत्येक भाव जीवन के दुःख, भय, तनाव और नकारात्मकता को दूर कर आत्मबल, आशा एवं नवीन ऊर्जा का संचार करता है। श्रद्धालु सफेद पुष्प एवं नारियल अर्पित कर बाबा की परिक्रमा करते हुए परिवार, समाज और राष्ट्र के सुख-समृद्धि एवं कल्याण की मंगलकामना करेंगे। साथ ही हवन में समर्पित नारियल के माध्यम से जीवन की नकारात्मकताओं, बाधाओं एवं मानसिक अशांति के निवारण की प्रार्थना भी की जाएगी।
स्नेह नगर विकास समिति की अध्यक्ष श्रीमती चेतना पाटीदार ने बताया कि वासुकीनाथ बाबा धाम श्रद्धा, सेवा और संस्कारों का जीवंत केंद्र बन चुका है। यहां प्रत्येक माह उजियारी पंचमी एवं प्रत्येक रविवार को विशेष पूजन-अभिषेक आयोजित किए जाते हैं, जिनमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु भाग लेकर आध्यात्मिक लाभ प्राप्त करते हैं।
समिति ने समस्त धर्मप्रेमी नागरिकों से इस दिव्य एवं ऐतिहासिक अवसर पर सपरिवार उपस्थित होकर बाबा वासुकीनाथ का आशीर्वाद प्राप्त करने तथा लोककल्याण, आध्यात्मिक उन्नति और सनातन संस्कृति के इस महापर्व में सहभागी बनने का विनम्र आग्रह किया है।

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