
रतलाम। चार श्रम कानूनों को वापस लेने, स्वामीनाथन आयोग की सिफारिश के अनुसार किसानों को फसल खरीदी के लिए गारंटी कानून देने, बढ़ती महंगाई को रोकने,श्रमिकों को 26000 प्रतिमाह देने, काम के 8 घंटे करने, झुग्गी बस्तियों में रहने वालों को उचित पुनर्वास की व्यवस्था करने, निजीकरण रोकने, भारत अमेरिका व्यापार समझौता रद्द करने, ठेका प्रथा/आउटसोर्सिंग पद्धति बंद करने, सभी को सामाजिक सुरक्षा देने/पेंशन स्वीकृत करने, आशा- उषा एवं आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को विभागीय दर्जा देने, किसानों को खाद बीज समय पर देने व उचित मूल्य पर देने एवं जनहित की मांगों को लेकर कर्मचारी संगठन (सीटू), किसान मोर्चा, आदिवासी एकता महासभा एवं संयुक्त ट्रेड यूनियन के आव्हान पर 10 अगस्त 2026 को राष्ट्रव्यापी धरना प्रदर्शन सत्याग्रह एवं जेल भरो आंदोलन के आह्वान पर, रतलाम में प्रातः 11:00 बजे श्रम संगठनों की संयुक्त समिति द्वारा शहर सराय स्थित शहीद चौक पर प्रदर्शन कर नारेबाजी की गई एवं सरकार की श्रमिक ,किसान एवं जन विरोधी नीतियों पर नाराजगी जताई। इस अवसर पर सीटू के जिला सचिव एमएल नगावत, श्रम संगठनों की संयुक्त समिति के अध्यक्ष आई एल पुरोहित, किसान सभा के जितेंद्र सिंह भूरिया, एमआर एसोसिएशन के अध्यक्ष अभिषेक जैन, सचिव निखिल मिश्रा, मनोज असाटी, विजय पवार,प्रोग्रेसिव पेंशनर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष कीर्ति कुमार शर्मा, सुधीर कुमार मिश्रा, यशवंत जेठाणिया, समग्र पेंशन संगठन के चरण सिंह यादव, एसएफआई की कला डामर, आशा उषा यूनियन कीअध्यक्ष मीनाक्षी गौड़ , जनवादी महिला समिति की गीता राठौर सहित अन्य साथी उपस्थित थे।