राष्ट्र संत कमलमुनि कमलेश महाराज साहब का 42 वा दीक्षा दिवस पूरे भारतवर्ष में सेवा कार्य साथ मनाया गया

जावरा( अभय सुराणा) । त्याग की मूर्ति मानवता का शृंगार और आस्था का प्राण कलयुग में जैन संत मानवता के आदर्श है उक्त विचार प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी की जन्मभूमि पर उनकी माता पिता की स्मृति में दामोदर दास मूलचंद मोदी सेवा आश्रम में राष्ट्रसंत कमल मुनि कमलेश के 42 वे दीक्षा दिवस पर आयोजित अभिनंदन समारोह प्रधानमंत्री के बड़े भाई सोमभाई मोदी ने अपने संदेश में व्यक्त करते कहा कि संत चलते तीर्थ हैं ।
उन्होंने कहा कि राष्ट्रसंत का 80000 किलोमीटर चलकर मेरी मातृभूमि पर आना संपूर्ण गुजरात वासियों का सौभाग्य है। संस्था के प्रमुख सचिव एवं प्रशासनिक अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने राष्ट्रसंत के दीक्षा दिन के उपलक्ष में नागरिक अभिनंदन समायोजित किया साथ ही 112 साइकिल बालिकाओं को वितरित की गई सेवा आश्रम में मिठाई वितरित की गई
राष्ट्रसंत ने गुजरात की धरती की माटी को नमन करते हुए कहा कि राष्ट्रपिता महात्मा गांधी जैन संतों के संपर्क में आकर अहिंसा को आत्मसात करते हुए विश्व के कोने-कोने में अहिंसा को पहुंचा दिया । राष्ट्र संत कमलेश ने उच्च विद्यालय का अवलोकन किया जिसमें देश के प्रधानमंत्री ने अध्ययन किया किया उनकी आस्था का प्रतीक महादेव मंदिर मैं भी मुनि कमलेश ने ध्यान किया ।
जैन संत ने प्रधान मंत्री के परिवारों संपर्क किया उनकी सादगी छोटी झोपडिय़ां देखकर भावुक होते हुए कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने देश और विश्व के लिए किया लेकिन परिवार को कोई भी अनैतिक तरीके से पोषण नहीं किया आज के नेताओं के लिए आदर्श है पूरे विश्व में भारत का गौरव से ऊंचा किया ।
इस मौके पर प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र कुमार जी मोदी ने अपनी माटी पर राष्ट्र संघ के आगमन पर संदेश भेज कर अभिनंदन किया और शीघ्र दर्शन की भावना व्यक्त की घनश्याम मुनि, गौतम मुनि, अरिहंत मुनि, कौशल मुनि, अक्षत मुनि विचार व्यक्त किए । 25 अप्रैल को महावीर जन्म कल्याणक समारोह कोविड-19 मुक्त विश्व के लिए शांतिनाथ के जाप का आयोजन विसनगर में रखा गया । इसके साथ ही गुरुदेव के 42 दीक्षा दिवस पर विभिन्न प्रांतों ,शहरों से सेवा गतिविधियों की जानकारी प्राप्त हो रही है जीव दया के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य हुआ है।

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