खेरालू गुजराती जैन। विभिन्न धर्मों की उपासना पद्धति ग्रंथ पंथ और संत की विचारधारा में जमीन आसमान का अंतर होने से परस्पर संवाद तो क्या आंख उठाकर नहीं देखते हैं । उक्त विचार राष्ट्र संत कमलमुनि कमलेश ने खेरालू गुजराती जैन स्थानक में 42 वी दीक्षा जयंती पर संबोधित करते कहा कि अध्यात्म को विज्ञान के माध्यम से प्रस्तुत किया जाए तो सर्वमान्य हो जाएगा सर्वग्राही हो जाएगा । उन्होंने कहा कि विज्ञान शोध के आधार पर होता है उसमें तर्क वितर्क किंतु परंतु सब समाप्त हो जाते हैं नकारने की ताकत किस में नहीं होती है । मुनि कमलेश के बताए कि विज्ञान संपूर्ण खोज अध्यात्म के के सहारे कर रहा है हजारों वर्ष पूर्व जो महापुरुष ने कहा विज्ञान की कसौटी पर खरा उतर रहा है । राष्ट्रसंत ने स्पष्ट कहा कि आज पृथ्वी दिवस भी है ऋषि-मुनियों ने जो कहा वह अब विज्ञान और सरकार कह रही है विश्व गुरु का सौभाग्य भी आध्यात्मिक से मिला है
जैन संत ने बताया कि नशा मुक्ति शाकाहार पर्यावरण हिंसा के दुष्परिणाम बॉडी पर क्या अटैक करते हैं समझा तेही सतर्क और सावधान हो जाएगा । राष्ट्रसंत के दीक्षा जयंती पर डॉक्टर जयेश जयंतीलाल कुकड़ा जिनके 3 हॉस्पिटल चल रहे हैं उन्होंने पत्रकार सम्मेलन में रिसर्च रिपोर्ट के आधार पर जनता में वैचारिक क्रांति के माध्यम से बुराई बीमारी और अपराध मुक्त मानव समाज निर्माण का संकल्प लेते हुए अखिल भारतीय जैन दिवाकर विचार मंच नई दिल्ली के तत्वाधान में संपूर्ण गुजरात में राजू प्रकाश सेवा संस्थान के माध्यम से गुरु कमल अभियान शुरू किया । दीक्षा जयंती पर कोरोना मुक्ति के लिए महामंत्र नवकार का जाप हुआ उप प्रवर्तक चंद्रेश मुनि, घनश्याम मुनि, गौतम मुनि, अरिहंत मुनि, धैर्य मुनि, अभिजीत मुनि, चेतन मुनि, मंगल मुनि ने दीक्षा जयंती पर मंगल बधाई दी।