

रतलाम। डा. कैलास नाथ काटजू विधि महाविद्यालय, रतलाम में विधि छात्रों को कानूनी ज्ञान के साथ-साथ व्यावहारिक सुरक्षा का प्रशिक्षण देने के उद्देश्य से आज “आत्मरक्षा एवं महिला सुरक्षा जागरूकता सत्र” का आयोजन किया गया।
इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य छात्र-छात्राओं को आत्मनिर्भर, सतर्क और कानून के प्रति जागरूक बनाना था, ताकि वे किसी भी आपातकालीन स्थिति में घबराए बिना सही निर्णय ले सकें।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि एवं प्रशिक्षक के रूप में श्री बलवंत सिंह देवड़ा सर उपस्थित रहे।*जिनका स्वागत डॉ. जितेंद्र शर्मा द्वारा किया गया देवड़ा सर ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि “आत्मरक्षा का मतलब सिर्फ मार्शल आर्ट सीखना नहीं है। असली आत्मरक्षा है – सतर्क दिमाग, मजबूत आत्मविश्वास और समय पर सही कदम।”
देवड़ा सर द्वारा बताए गए सुरक्षा के 8 महत्वपूर्ण सूत्र:
(1) बॉडी लैंग्वेज – आपका पहला कवच
आपके चलने, बैठने और बात करने का तरीका ही बताता है कि आप कितने आत्मविश्वासी हैं। झुके हुए कंधे और नीची नजर अपराधियों को आकर्षित करती है। हमेशा सीधे चलें और आँखों में आत्मविश्वास रखें।
(2) आँखों को पढ़ना / आई कॉन्टैक्ट
किसी अजनबी से बात करते समय आई कॉन्टैक्ट बनाए रखें। इससे आप सामने वाले के हाव-भाव और इरादे समझ सकते हैं। साथ ही यह संदेश जाता है कि आप सतर्क हैं।
(3) क्वेश्चन टैग – सवाल से बचाव
यदि कोई संदिग्ध व्यक्ति आपका पीछा कर रहा है या अजीब व्यवहार कर रहा है तो तुरंत सवाल पूछें – “आप कौन हैं?”, “आप यहाँ क्यों खड़े हैं?” सवाल पूछने से सामने वाला घबरा जाता है और आपको सोचने का समय मिल जाता है। किसी के भी द्वारा पुछे गए निजी प्रश्नो के उत्तर न दे।
(4) प्राइवेसी / घर की बातें
सोशल मीडिया और अजनबियों से अपनी पर्सनल जानकारी, घर का पता, परिवार के सदस्यों की जानकारी साझा न करें। याद रखें – “घर की बातें चारदीवारी के अंदर ही अच्छी लगती हैं।”
(5) ब्लैकमेलिंग से बचाव
आजकल ऑनलाइन ठगी और ब्लैकमेल के मामले बढ़ रहे हैं। किसी भी धमकी, अश्लील मैसेज या दबाव में न आएं। स्क्रीनशॉट और सबूत संभाल कर रखें और तुरंत साइबर सेल या पुलिस को सूचित करें। चुप्पी समस्या को और बढ़ाती है।
(6) ब्रेनवॉशिंग / मानसिक हेरफेर से बचाव
कुछ लोग झूठे वादों, नशे या भावनात्मक बातों से युवाओं का ब्रेनवॉश करते हैं। किसी भी स्कीम, जॉब ऑफर या रिश्ते में आने से पहले 3 बार सोचें और घर-परिवार से सलाह लें।
(7) आत्मरक्षा – व्यावहारिक तकनीक
आपातकाल में घबराएं नहीं। शांत रहें, आसपास की वस्तुओं का उपयोग करें और शरीर के कमजोर हिस्सों जैसे आंख, नाक, घुटने को निशाना बनाएं। भागने का रास्ता पहले देखें।
(8) 112 इंडिया मोबाइल ऐप
केंद्र सरकार की 112 ERSS हेल्पलाइन 24×7 उपलब्ध है। इस एक नंबर पर पुलिस, एंबुलेंस और फायर की मदद मिलती है। सभी छात्रों से अपील है कि वे अपने फोन में 112 India App डाउनलोड करें और उसका उपयोग करना सीखें।
इस अवसर पर डॉ. जितेन्द्र शर्मा (सहा. प्रा.), श्रीमती कोमल सिंह (व्याख्याता), सभी कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में नवीन प्रवेशित छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। सभी ने सत्र को अत्यंत लाभकारी बताया। कार्यक्रम का संचालन व्याख्याता श्रीमती रंजु शर्मा एवं अर्चना धाकड द्वारा किया गया आभार प्रदर्शन सहायक प्राध्यापक् श्री हरेंद्र प्रताप सिंह के द्वारा किया गया।*कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ