
रतलाम 11 जुलाई । शिक्षक अपने सेवा काल में अध्यापन कार्य के साथ-साथ बच्चों के अंदर रचनात्मक गतिविधियों के माध्यम से अच्छे संस्कार विकसित करें तो उनके भविष्य के लिए अत्यंत सार्थक सिद्ध होता है और बच्चों के साथ साथ यदि शिक्षक स्वयं भी रचनात्मक कार्य से जुड़े रहे तो वह स्वयं भी अपने व्यक्तित्व के साथ न्याय कर पाएंगे। उपरोक्त विचार शिक्षक सांस्कृतिक संगठन मंच द्वारा नवागत जिला शिक्षा अधिकारी सुश्री सिमरन सूर्यवंशी द्वारा अपने अभिनंदन के उत्तर में उपस्थित मंच पदाधिकारी को संबोधित करते हुए कहे । आपने कहा कि अपने शैक्षिक दायित्वों के साथ-साध हमें अन्य गतिविधियां खेलकूद साहित्य और पर्यावरण के प्रति बच्चों में और शिक्षकों में जागरूकता पैदा करना अति आवश्यक है । आज के दौर में पाठ्यक्रम के अतिरिक्त भी अन्य नैतिक गुन बच्चों के व्यक्तित्व विकास में सहायक सिद्ध होते हैं इसके लिए शिक्षक को अपने दायित्वों के साथ-साथ अन्य गतिविधियों में भी सक्रिय रहना चाहिए । शिक्षक मंच की गतिविधियां प्रेरक और महत्वपूर्ण है मंच द्वारा उन्हें पुष्पगुच्छ देकर सम्मानित किया गया । इस अवसर पर संस्था अध्यक्ष दिनेश शर्मा पूर्व अध्यक्ष कृष्ण चंद्र ठाकुर, रक्षा के कुमार, दिलीप वर्मा, श्याम सुंदर भाटी, ज्योति नारायण त्रिवेदी, दशरथ जोशी, अनिल जोशी तोगडे, नरेंद्र सिंह राठौड़, कविता सक्सेना, मदन लाल मेहरा, रमेश उपाध्याय आदि उपस्थित थे।