बच्चों के जन्म के बीच अंतर रखें : सीएमएचओ
रतलाम । विश्व जनसंख्या दिवस 11 जुलाई के अवसर पर रतलाम जिले के विभिन्न शासकीय स्वास्थ्य केंद्र एवं आयुष्मान आरोग्य मंदिरों पर राष्ट्रीय परिवार कल्याण कार्यक्रम के संबंध में जागरूकता गतिविधियां आयोजित की गई। कार्यक्रम के अंतर्गत इस वर्ष का नारा “जब तक बच्चों में हो सही अंतर, परिवार बने स्वस्थ और खुशहाल ” निर्धारित किया गया है। कार्यक्रम के संबंध में जिला प्रशिक्षण केंद्र वीरिया खेड़ी में कार्यशाला का आयोजन किया गया।
कार्यशाला को संबोधित करते हुए सीएमएचओ डॉ किरण वाडिवा ने बताया कि परिवार कल्याण कार्यक्रम के अंतर्गत पहला बच्चा शादी के 2 साल बाद और पहले और दूसरे बच्चे में कम से कम 3 साल का अंतर रखने के संबंध में परिवार कल्याण के अस्थाई साधनों को अपनाने की दिशा में दंपतियों को प्रेरित किया जाए। परिवार कल्याण कार्यक्रम के अस्थाई साधन के रूप में रतलाम जिले में नए साधन इंप्लांट उपलब्ध है , जिसकी बाजार में कीमत लगभग 8 हजार रुपए है, जिला चिकित्सालय रतलाम और मेडिकल कॉलेज रतलाम में इसकी निशुल्क सेवाएं प्रदान की जा रही है। परिवार कल्याण के स्थाई साधन अर्थात ऑपरेशन के संबंध में सीएमएचओ ने स्पष्ट किया कि परिवार कल्याण कार्यक्रम के राष्ट्रीय गुणवत्ता मानकों के अनुसार ही सेवाएं प्रदान की जाएगी। उन्होंने अनुरोध किया कि परिवार कल्याण स्थाई ऑपरेशन करने के लिए दूसरे बच्चे की आयु कम से कम 9 माह हो, और बच्चे को खसरे का टीका लगवाने के बाद ही स्थाई साधन के रूप में सोचना चाहिए। अस्थाई साधन के रूप में साप्ताहिक गर्भनिरोधक गोली छाया , माला एन, और पी पी आई यू सी डी, निरोध की सेवाएं सहज रूप में उपलब्ध है।
सीएमएचओ ने निर्देशित किया कि क्षेत्र की आशा कार्यकर्ताएं , एएनएम सुपरवाइजर, एल एच वी आदि कार्यक्रम के दौरान 18 जुलाई तक घर-घर संपर्क करें एवं योग्य दंपतियों को अस्थाई साधनों की पूरी जानकारी देकर शंका समाधान करें। पी एस आई इंडिया के प्रोग्राम मैनेजर श्री केवल कुमार सिसोदिया ने परिवार कल्याण कार्यक्रम के अस्थाई साधनों के उपयोग इसके लाभ के बारे में विस्तार से जानकारी दी। जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ राजेश मंडलोई ने बताया कि परिवार कल्याण कार्यक्रम के अंतर्गत सामान्य महिला नसबंदी ऑपरेशन करने पर 2000 रुपए की राशि, प्रसव के 7 दिन के भीतर नसबंदी ऑपरेशन करने पर 3000 रूपये की राशि, पुरुष नसबंदी कराने पर 3000 रूपये की राशि, प्रसव पश्चात आईयूसीडी लगवाने पर 300 रुपए की राशि, गर्भपात पश्चात आई यू सी डी लगवाने पर 300 रुपए की राशि, अंतरा इंजेक्शन लगवाने पर 100 रुपए की राशि हितग्राही को प्रदान की जाती है। उन्होंने बताया कि अंतरा इंजेक्शन 3 महीने के अंतर पर चार बार लगवा कर 3 साल तक गर्भधारण से बचा जा सकता है, यह इंजेक्शन लगवाने में आसान होने के साथ-साथ सर्वाइकल कैंसर तथा एनीमिया से भी बचाव करता है, परिवार कल्याण कार्यक्रम के अंतर्गत सभी शासकीय स्वास्थ्य केंद्र पर सेवाएं पूरी तरह निशुल्क उपलब्ध है। कार्यशाला के दौरान शहरी स्वास्थ्य कार्यक्रम प्रबंधक डॉ गौरव बोरीवाल, डिप्टी मीडिया अधिकारी श्रीमती सरला वर्मा, एन एम ए श्री शरद शुक्ला, जिला मीडिया अधिकारी आशीष चौरसिया, बी ई ई श्रीमती इशरत जहां सैयद , श्री लोकेश वैष्णव, श्री सुरेश जोशी, श्री विकास पटेल, श्री नरेंद्र कछावा, शहरी क्षेत्र के सभी सुपरवाइजर, एएनएम , एल एच वी, शहरी आशा कार्यकर्ता आदि उपस्थित रहे।