
इंदौर (राजेश जैन दद्दू) । मां अहिल्या की पावन धर्मनगरी इंदौर में इन दिनों गुरु भक्ति की बयार बह रही है। आध्यात्मिक सरिता के दो दिव्य तट एक साथ इंदौर की धरा को पावन करने आ रहे हैं।
इंदौर की सकल जैन समाज अत्यंत भाग्यशाली और पुण्यशाली है कि साक्षात जननायक, राष्ट्रसंत निर्यापक मुनि श्री 108 सुधासागर जी महाराज ससंघ पदविहार करते हुए इस धर्मनगरी में शुभागमन करने वाले हैं।
गुरुवर के आगमन की आहट मात्र से ही इंदौर की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक बगिया महक उठी है। गली-गली में भक्ति के दीप जल रहे हैं। छोटे बालक से लेकर वृद्धजन तक सभी उस मंगल घड़ी की प्रतीक्षा में टकटकी लगाए बैठे हैं। द्वार-द्वार रंगोली सज रही है, मन पुलकित हैं, हृदय आनंद से भर उठे हैं। नगर के सभी संस्थाए सोशल ग्रुप फेडरेशन, समस्त सोशल ग्रुप महासमिति, विश्व जैन संगठन, राष्ट्रीय जिन शासन एकता संघ, समस्त महिला परिषद् की शाखाएं सेवा दल, संगीत मंडलियां , मुनि सेवा समिति और ढोल-ताशे की टोलियां गुरुवर की अगवानी के अभ्यास में लीन हैं।
यह इंदौर का परम सौभाग्य है कि एक ओर परम पूज्य आचार्य श्री 108 सुनीलसागर जी महाराज ससंघ और दूसरी ओर राष्ट्रसंत निर्यापक मुनि श्री 108 सुधासागर जी महाराज ससंघ के समवशरण के दर्शन एक साथ होंगे।
श्री दिगम्बर जैन समाज, सामाजिक सांसद के सभी पदाधिकारी सहित आनंद नवीन गोधा, हर्ष जैन, विजय पटौदी, एम.के. जैन, अक्षय कासलीवाल, राहुल जैन, राजेश जैन, दद्दू प्रिंसिपल टोंग्या एवं लाखों गुरु भक्तों की अभिलाषा हिलोरे मार रही है।
इंदौर की प्रत्येक जैन बस्ती में उत्सव और उत्साह का वातावरण है। जनप्रतिनिधि भी अगवानी को आतुर हैं। यह केवल इंदौर के स्थानीय श्रद्धालुओं तक सीमित नहीं है, अपितु पूरे भारत की जैन समाज दोनों गुरुवर की एक झलक पाने को व्याकुल है।आइए, हम सब मिलकर इस ऐतिहासिक और भव्य अगवानी को अविस्मरणीय बनाएं।