

रतलाम 16 जुलाई। पश्चिम रेलवे के रतलाम मंडल में रेलवे सुरक्षा बल एवं ऑन-ड्यूटी टिकट चेकिंग स्टाफ की सतर्कता और त्वरित कार्रवाई से शांति एक्सप्रेस में यात्रा के दौरान खोया सोने का मंगलसूत्र सुरक्षित बरामद कर उसके वास्तविक स्वामी को लौटा दिया गया।
पश्चिम रेलवे रतलाम मंडल के जनसंपर्क अधिकारी श्री मुकेश कुमार द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, 15 जुलाई 2026 को ट्रेन संख्या 19310 शांति एक्सप्रेस से देवास से रतलाम की यात्रा कर रहे श्री लक्ष्य ताम्रकार ने रेल मदद के माध्यम से शिकायत दर्ज कराई कि यात्रा के दौरान उनकी पत्नी का सोने का मंगलसूत्र कहीं गिर गया है अथवा चोरी हो गया है।
शिकायत प्राप्त होते ही रेलवे सुरक्षा बल ने बिना विलंब कार्रवाई प्रारंभ की। रतलाम आरपीएफ पोस्ट के सहायक उप निरीक्षक श्री विजेंद्र सिंह तोमर ने शिकायतकर्ता से संपर्क कर घटना की विस्तृत जानकारी प्राप्त की। इसके बाद आरपीएफ कंट्रोल के माध्यम से संबंधित ट्रेन के ऑन-ड्यूटी टिकट चेकिंग स्टाफ को तत्काल सूचना देकर संबंधित कोच की गहन जांच कराई गई तथा अगले स्टेशन पर विशेष रूप से कोच की तलाशी लेने के निर्देश दिए गए।
ट्रेन के मेघनगर स्टेशन पहुंचने पर आरपीएफ के सहायक उप निरीक्षक श्री सुभाष चंद्र पाल ने ट्रेन को अटेंड किया। इस दौरान ऑन-ड्यूटी टीटीई श्री गोपाल लाल मीणा को कोच में मिला सोने का मंगलसूत्र आरपीएफ को सौंपा गया। इसके बाद शिकायतकर्ता से संपर्क कर उन्हें मंगलसूत्र सुरक्षित मिलने की जानकारी दी गई तथा नियमानुसार उसे वापस करने की प्रक्रिया पूरी की गई।
16 जुलाई 2026 को आवश्यक औपचारिकताएं पूर्ण करने के बाद रेलवे सुरक्षा बल, मेघनगर द्वारा लगभग तीन लाख रुपये मूल्य का सोने का मंगलसूत्र श्री लक्ष्य ताम्रकार को सुरक्षित लौटा दिया गया। अपना बहुमूल्य आभूषण वापस मिलने पर यात्री एवं उनके परिजनों ने रेलवे सुरक्षा बल तथा टिकट चेकिंग स्टाफ की त्वरित कार्रवाई, ईमानदारी एवं संवेदनशीलता की सराहना करते हुए उनका आभार व्यक्त किया।
पश्चिम रेलवे का रतलाम मंडल यात्रियों से अपील करता है कि यात्रा के दौरान अपने कीमती सामान का विशेष ध्यान रखें। किसी भी प्रकार की असुविधा, सामान खोने अथवा अन्य शिकायत की स्थिति में यात्री तत्काल रेल मदद, रेल हेल्पलाइन 139 अथवा निकटतम रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) से संपर्क करें। यात्रियों की सुरक्षा, सहायता एवं उनके विश्वास की रक्षा के लिए रेलवे सुरक्षा बल एवं रेलवे कर्मचारी सदैव प्रतिबद्ध हैं।